कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी: भीलवाड़ा के संगम यूनिवर्सिटी में सजा विधिक जागरूकता शिविर
“सभी के लिए न्याय: विधिक सहायता के दृष्टिकोण से” विषय पर संगम विश्वविद्यालय में विधिक सहायता शिविर आयोजित
भीलवाड़ा। (राजकुमार गोयल)
संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के 'स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़' द्वारा विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय प्रांगण में “Justice for All: Through the Lens of Legal Aid” (सभी के लिए न्याय: विधिक सहायता के दृष्टिकोण से) विषय पर एक विशेष विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विधिक जागरूकता बढ़ाना, नागरिकों में संवैधानिक अधिकारों की समझ विकसित करना और समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की सुलभ पहुँच के महत्व को रेखांकित करना था।
यह आयोजन विश्वविद्यालय की उस मंशा को दर्शाता है, जिसके तहत विधि शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आमजन को अपने कानूनी अधिकारों, उपलब्ध विधिक उपचारों और सरकार द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है।
न्याय तक पहुँच ही लोकतंत्र का आधार: कुलपति
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. डॉ. करुणेश सक्सेना ने कहा कि, "न्याय तक सुलभ पहुँच हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन का एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। विधिक सहायता शिविर जैसे कार्यक्रम संवैधानिक आदर्शों को केवल पन्नों पर न रखकर उन्हें व्यावहारिक जीवन में उतारने का एक सशक्त माध्यम हैं।"
वहीं रजिस्ट्रार डॉ. आलोक कुमार ने संस्थागत समन्वय, व्यवस्थित अभिलेख संधारण और निरंतर विधिक साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूक नागरिक ही सही समय पर उचित प्राधिकरणों से मदद प्राप्त कर सकते हैं।
लीगल एड क्लिनिक से मिलता है व्यावहारिक अनुभव
स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़ के डीन प्रो. डॉ. राजीव मेहता ने विधि शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विधिक सहायता क्लिनिक (Legal Aid Clinic) कानून के विद्यार्थियों के सैद्धांतिक ज्ञान और धरातलीय अनुभव के बीच एक मजबूत पुल का कार्य करते हैं।
इस सफल आयोजन के साथ ही 'स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़' ने भविष्य में भी समाज को जागरूक करने, जिम्मेदार नागरिक तैयार करने और संविधान की भावना के अनुरूप 'सभी के लिए समान न्याय' का संदेश प्रसारित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

