जय नारायणी' के जयकारों से गूंजा हलैना: माता की जन्मभूमि गढ़मोरा के लिए 21वीं वाहन यात्रा रवाना, भक्तों में भारी उत्साह
हलैना (विष्णु मित्तल)
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अलौकिक संगम के साथ कस्बे के अतिराम सागर स्थित चामुंडा माता धाम से श्री नारायणी माता की 21वीं वार्षिक वाहन यात्रा धूमधाम से रवाना हुई। श्री नारायणी माता भक्त मंडल, सेन समाज और सर्वसमाज के श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित यह यात्रा माता नारायणी की पावन जन्मभूमि—करौली जिले की नादौती तहसील स्थित गढ़मोरा गांव के लिए रवाना हुई। यात्रा के प्रस्थान करते ही पूरा कस्बा 'जय नारायणी', 'वनखंडी बाबा' और 'माता रानी' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
11 फीट ऊंची ध्वजा के साथ निकाला पैदल जुलूस
यात्रा की रवानगी से पूर्व नारायणी माता और मुख्य ध्वजा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सेन समाज के पदाधिकारी द्वारिकाप्रसाद मुहारी, तहसील अध्यक्ष लालाराम सेन, यात्रा प्रभारी बबलू सेन और फूल सिंह पीरी के नेतृत्व में श्रद्धालु 11 फीट ऊंची भव्य ध्वजा को लेकर पैदल चले। यह पैदल जत्था अतिराम सागर, इंदिरा कॉलोनी, वाटर बॉक्स और सरसैना मोड़ होते हुए महाभारत कालीन प्रसिद्ध वनखंडी आश्रम पहुंचा।
संतों का सम्मान और पूजन के बाद रवानगी
वनखंडी आश्रम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने श्री बालाजी महाराज और अन्य देव प्रतिमाओं के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान आश्रम के श्रीमहंत महावीर गिरी एवं संत रविनाथदास महाराज का शॉल ओढ़ाकर भावभिना सम्मान किया गया। आश्रम में आशीर्वाद लेने के उपरांत सभी श्रद्धालु वाहनों में सवार होकर गढ़मोरा के लिए रवाना हुए।
शरद पूर्णिमा पर गढ़मोरा में सजेंगे धार्मिक कार्यक्रम
सेन समाज के तहसील अध्यक्ष लालाराम सेन (पीरी वाले) और यात्रा संयोजक द्वारिकाप्रसाद मुहारी ने बताया कि हलैना से नारायणी धाम की पदयात्रा के ठीक 30 दिन बाद शरद पूर्णिमा के अवसर पर माता की जन्मभूमि गढ़मोरा के लिए यह वाहन यात्रा निकाली जाती है। लगभग 99 किलोमीटर की दूरी तय कर यात्रा शरद पूर्णिमा की रात 9 बजे गढ़मोरा पहुंचेगी। वहां पहुँचकर:
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माता नारायणी का विशेष पूजन व महाआरती
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भव्य भजन संध्या
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हवन एवं विशाल भंडारा
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मानव सेवा और गौवंश सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सर्वसमाज की जुटी अपार भीड़
इस 21वीं वाहन यात्रा में वैर, नदबई, भुसावर, बयाना और उच्चैन उपखंड क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों से आए सर्वसमाज के हजारों श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें सेन समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी है।
यात्रा रवानगी के अवसर पर शिवसिंह पीरी, संतोषि लाल (बैंक वाले), विष्णु मित्तल, रामकिसन पंडित, ममता, गीता, सीता, सुनीता, माया, लक्ष्मी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने यात्रियों का फूल-मालाओं से सम्मान किया और माता रानी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

