मकराना में महाराजा अजमीढ़ जयंती की धूम: सजीव झांकियों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, मेधावी छात्र और वरिष्ठजन सम्मानित
मकराना : मोहम्मद शहजाद
मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के आराध्य देव एवं आदि पुरुष महाराजा अजमीढ़ जी की जयंती मकराना में पूरी श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाई गई। रविवार को आयोजित इस पावन महोत्सव के दौरान नगर में सजीव झांकियों और बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात महेश्वरी भवन में एक भव्य सम्मान व सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया।
प्रमुख मार्गों से गुजरी भव्य शोभायात्रा
जयंती समारोह की शुरुआत स्थानीय महेश्वरी भवन में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। यहाँ से महाराजा अजमीढ़ जी के चित्र के साथ सजीव झांकियों से सजी शोभायात्रा रवाना हुई। बैंड-बाजों की गूंज और माता-बहनों के जयकारों के बीच यह यात्रा मकराना के मुख्य मार्गों— सदर बाजार, चारभुजा चौक, रेलवे स्टेशन और पुलिस चौकी से होते हुए पुनः महेश्वरी भवन पर संपन्न हुई। इस दौरान शहर के विभिन्न व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया।
प्रतिभाओं और वरिष्ठजनों का हुआ अभिनंदन
शोभायात्रा के समापन के बाद महेश्वरी भवन में मुख्य समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें समाज की उन हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने समाज और क्षेत्र का नाम रोशन किया है:
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वरिष्ठजनों का सम्मान: समाज के 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को शॉल ओढ़ाकर, साफा बंधवाकर और स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया।
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कर्मचारियों का सम्मान: केंद्र एवं राज्य सरकार की सेवाओं में उत्कृष्ट और निष्ठावान सेवाएं दे रहे समाज के कार्मिकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
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मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित: शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी बच्चों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने युवाओं को समाज की रीढ़ बताते हुए उन्हें उच्च शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामूहिक भोज
समारोह के दौरान समाज के बच्चों और युवाओं ने देशभक्ति और भक्ति रस से ओतप्रोत मनमोहक रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में समाज का पारंपरिक स्नेह मिलन समारोह आयोजित हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में समाजबंधुओं ने सामूहिक भोज (महाप्रसाद) ग्रहण किया।
इस सफल और ऐतिहासिक आयोजन में श्याम सुंदर सेढ़ा, राजेंद्र धूपड़, श्यामसुंदर भंवर, सुरेंद्र कुलथिया, मीठू सोनी, रूपचंद सोनी, राजेंद्र अगरोया सहित मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के तमाम पदाधिकारी, प्रबुद्धजन, युवा शक्ति और मातृशक्ति भारी संख्या में मौजूद रहे।

