मेवात की बेटी बनीं फिजिक्स प्रोफेसर, गांव मल्ला का बास में हुआ भव्य स्वागत
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) तहसील क्षेत्र के ग्राम मल्ला का बास, की डॉ. शबाना खान ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर फिजिक्स विषय में सहायक प्रोफेसर के पद पर चयन पाया है। यह न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे तहसील क्षेत्र एवं जिले के समाज और मेवात क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
रविवार को जैसे ही डॉ. शबाना अपने पैतृक गांव मल्ला का बास पहुँचीं, पूरे गांव ने उनका भव्य स्वागत किया। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक – हर कोई उनके इस ऐतिहासिक मुकाम पर उत्साहित नजर आया। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। और मिठाइयाँ बांटकर इस उपलब्धि को पूरे समाज के साथ साझा किया।
डॉ. शबाना खान के पिता, डीडी खान, राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं। उनकी बेटी की यह सफलता पूरे गांव एवं तहसील क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
डॉ. शबाना खान, अलवी समाज की पहली बेटी हैं जिन्होंने फिजिक्स जैसे कठिन विषय में सहायक प्रोफेसर बनने का गौरव प्राप्त किया है। उन्होंने न केवल भारत में, बल्कि तुर्की और अन्य देशों में भी शैक्षणिक यात्राएं की हैं ।और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
इस अवसर पर शबाना खान ने कहा, "यह सफलता मैं पूरे अलवी समाज और मेवात की सभी बेटियों को समर्पित करती हूं। मेरी कोशिश है कि मेरी यात्रा उन लड़कियों को प्रेरित करे जो कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को नहीं छोड़तीं।
गांव के एक बुजुर्ग ने कहा -हमें गर्व है कि हमारे गांव की बेटी आज फिजिक्स में प्रोफेसर बन गई है। यह हम सबके लिए सम्मान की बात है।
डॉ. शबाना की इस उपलब्धि पर कई सामाजिक संगठनों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है। उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया है कि अगर बेटियाँ ठान लें, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।