वटीकरा ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था ठप – लाखों का बजट, फिर भी गंदगी के ढेर
सुनकई गाँव की गलियों में फैला कीचड़ और कूड़ा, डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
सरमथुरा (धौलपुर / नाहर सिंह मीणा) वटीकरा ग्राम पंचायत अंतर्गत सुनकई गाँव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पंचायत को हर साल लाखों रुपये का बजट मिलने के बावजूद गाँववासी गंदगी और कीचड़ में जीने को मजबूर हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर, नालियों का गंदा पानी और बरसाती कीचड़ ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि ठेका मिलने के बाद सफाई केवल एक बार ही की गई। वह भी आधी अधूरी—सिर्फ दो गलियों की सफाई की गई और शेष पूरे गाँव को नज़रअंदाज़ कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार बंटी ने कार्यभार संभालते समय वादा किया था कि हर महीने दो बार नालियों की सफाई और रोज़ाना कचरा गाड़ी से उठाया जाएगा। लेकिन सफाई केवल कागज़ों तक सीमित रह गई। ग्राम पंचायत के हर गांव के लोग रास्तों पर जमा गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं वहीं सुनकई में नियुक्त सफाईकर्मी भी गाँव में नहीं आता। उसकी जगह उसकी पत्नी आती है, जो केवल औपचारिकता निभाती है। कचरा उठाने के बजाय जगह-जगह ढेर लगा दिए जाते हैं। नालियाँ ओवरफ्लो होकर रास्तों पर फैल रही हैं।
इस गंदगी से अब गाँव में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। जमा पानी में मच्छर तेजी से पनप रहे हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने गाँव में अब तक मच्छरनाशी दवा का छिड़काव नहीं कराया।
गाँव के लोगों ने जिला कलेक्टर से तुरंत हस्तक्षेप कर रोज़ाना सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और पूरे गाँव में दवा छिड़काव कराने की माँग की है।

