पंजाब बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए लोगः किशनगढ़बास में हनुमान मंदिर सेवा समिति ने शुरू किया राहत अभियान
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों को संकट में डाल दिया है। खेत-खलिहान पानी में डूब गए, घर उजड़ गए और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे कठिन समय में किशनगढ़बास और आसपास के गांवों के लोग राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। गांव बंबोरा स्थित हनुमान मंदिर सेवा समिति के नेतृत्व में महंत श्याम सुंदर ने राहत सामग्री एकत्रित करने का विशेष अभियान शुरू किया है।
समिति के सेवादार वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि बाढ़ से पंजाब में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं और कई परिवार बेघर हो गए हैं। इस विपदा की घड़ी में सर्व समाज एकजुट होकर मदद के लिए आगे आया है। लोगों के सहयोग से आटा, दाल, चावल, मसाले, शक्कर, पीने का पानी, दवाइयां और नगद राशि एकत्रित की जा रही है। इन सामग्रियों को राहत किट के रूप में तैयार कर जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाने की योजना बनाई गई है।
पंजाब के बाद पीडितों की राशन सामग्री दान करने हेतु सोमवार को हनुमान मंदिर घाटा बंबोरा से ट्रक में लदी राहत सामग्री पंजाब रवाना की जाएगी। समिति से जुड़े सेवादार लगातार किट पैक करने में जुटे हैं। इस नेक कार्य में शेरसिंह चौधरी, उप सरपंच मंगल सिंह, मदन बाबू, वीरेंद्र सिंह, अमर सिंह, श्रीचंद भगत, कन्हैया लाल, अशोक शर्मा, चमन चौधरी, उप सरपंच मंगल सिंह, मदन बाबू, वीरेंद्र सिंह, अमर सिंह, श्रीचंद भगत, कन्हैया लाल, अशोक शर्मा, चमन भारद्वाज, कुमारी शिवानी शर्मा, गंगाराम सैनी, प्रेम शर्मा और मानसिंह सहित अनेक लोग सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।
गांव के युवा भी अभियान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। कोई दान सामग्री लाकर दे रहा है तो कोई पैकिंग व ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था में लगा है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में पंजाब के लोगों के लिए यह सहयोग मानवता का धर्म निभाने जैसा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की सामूहिक पहल न केवल जरूरतमंदों की सहायता करती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूत बनाती है। किशनगढ़बास से शुरू हुई यह पहल आज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और अन्य लोग भी इससे प्रेरित होकर योगदान देने आगे आ रहे हैं।


