अलवर में ASI - दलाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, परिवादी से की थी 1.50 लाख रुपए की मांग
दलाल ने मंगलवार को फोन कर कहा था हनुमानजी का वार है, आज पैसे ले आना तेरा भला हो जाएगा
अलवर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कोतवाली थाने के ASI कन्हैयालाल और दलाल मजिलस को 1 लाख 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ACB की टीम ने शाम करीब 4 बजे शहर कोतवाली थाने पर छापा मारा और परिवादी से रिश्वत लेते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। परिवादी से 1.50 लाख रुपए की मांग की थी। 1 लाख 30 हजार रुपए देना तय हो गया।
जानकारी के अनुसार, एएसआई ने गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने की कोशिश भी की, लेकिन ACB की मुस्तैद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। ACB ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

ACB के ASP महेंद्र मीणा ने बताया कि दर्ज मुकदमा 707/25 में एफआर लगाने के नाम पर एएसआई कन्हैयालाल व दलाल मजलिस ने 1 लाख 50 हजार रुपए की मांग की। जिसका सत्यापन कराया गया। जिसमें आरोपी 1 लाख 30 हजार रुपए में सहमत हुए। रिश्वत की राशि दलाल मजलिस ने अपने हाथों से प्राप्त कर एएसआई की दराज में रखवाते हुए ट्रैप की कार्यवाही की गई। यह 420 का प्रकरण था। पैस एएसआई की दराज से बरामद किया है। दलाल की मुख्य भूमिका रही है। मंगलवार के दिन भी दलाल से बात की। तब दलाल ने कहा था कि आज मंगलवार है। तेरा भला हो जाएगा। लेकिन मंगलवार की बजाय व बुधवार को आ सका। दलाल ने यह भी कहा कि पैसा ऊपर अधिकारियों को भी जाता है। यह भी कहा कि मेरी ऊपर तक पहुंच है। इसमें अभी जांच कर रहे हैं।

ASI के भाई की एक महीने पहले मौत हो चुकी
एएसआई कन्हैयालाल के भाई हेड कांस्टेबल कृष्ण की एक महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। अभी परिवार में मौत का दुख छाया है। अब कन्हैयालाल खुद रिश्वत में ट्रैप हो गया। एसीबी की ट्रैप की कार्यवाही के दौरान एएसआई कन्हैयालाल सिर पकड़कर बैठा रहा। वहीं दलाल मजलिस रैणी के छिलवाड़ी गांव का है।