अधिकाधिक निवेशकों को प्रेरित कर रोजगार के अवसर सृजित करें- जिला कलक्टर
एमओयू की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू की प्रगति की समीक्षा बैठक बुधवार को जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया तथा एमओयू की वर्तमान स्थिति और निवेश प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्थान में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रदेश में औद्योगिक निवेश के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरतपुर जिले की भौगोलिक स्थिति, ताज समलंब क्षेत्र (टीटीजेड) और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) की निकटता को देखते हुए यह जिला निवेश के लिए अत्यंत संभावनाशील है। इसलिए संबंधित विभाग निवेशकों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दें।
उन्होंने निर्देश दिए कि राइजिंग राजस्थान के तहत हुए सभी एमओयू की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उन्हें समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां बनाई हैं, जिनका अधिकतम लाभ निवेशकों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि आवंटन, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, सड़क निर्माण, बिजली-पानी जैसी अनुमतियों की प्रक्रियाएं प्राथमिकता से निस्तारित की जाएं ताकि निवेशकों को किसी प्रकार की बाधा न हो। उन्होंने खनन, रिको, उद्योग अधिकारियों को एमओयू प्रकरणों में आ रही अड़चनों से अपने उच्च अधिकरियों को पत्राचार के माध्यम से समय पर अवगत कराने की बात कही।
निवेशकों से करें निरन्तर संवाद-
जिला कलक्टर कहा कि जिले में आईटी, होटल, आयुष, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, होम्योपैथी, शिक्षा, कोचिंग, मेडिकल कॉलेज, फूड पार्क, इलेक्ट्रॉनिक पार्क एवं पर्यटन क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश की संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में अधिकाधिक निवेश आकर्षित कर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिल सके। उन्होंने बीडीए अधिकारी को निर्देश दिये कि व्यावसायिक भूखण्डों की प्लानिंग करें। उन्होंने रिको अधिकारी को कहा कि रिको एरिया में जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज सिस्टम को दुरूस्त करें, जिससे निवेशकों को आवश्यक भूमि आंवटित की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखे और जिन परियोजनाओं की प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। जिन एमओयू से संबंधित प्रकरण किसी विभाग में लंबित हैं, वहां विभागीय समन्वय स्थापित कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की गहन मॉनिटरिंग करें और एमओयू से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को जल्द पूर्ण करें ताकि औद्योगिक विकास की गति को बल मिल सके। उन्होंने कहा कि निवेशक हितैषी वातावरण बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग मिलकर समन्वित रूप से कार्य करें ताकि निवेश और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सके।
महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र सीएम गुप्ता ने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत भरतपुर जिले में कुल 236 एमओयू संपादित किए गए हैं, जिनमें लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इनमें से 68 एमओयू पर कार्य पूर्ण हो चुका है, 22 एमओयू पर कार्य प्रारंभ, 26 लंबित हैं तथा 97 एमओयू भूमि आवंटन की प्रक्रिया में हैं।
इस दौरान बैठक में अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी उमेश कुमार, रिको वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश वर्मा जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र अधिकारी सूर्यकांत पांडे, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।