थार की टक्कर से उजड़ गया परिवार,चारों का पोस्टमार्टम हुआ: बड़े भाई की आंखो से नहीं रूक रहे आंसू
बच्चो से कहा था शादी से खाना लेकर आऊंगा, अब पूरे गांव में मातम छाया
अलवर के सदर थाना क्षेत्र के छठी मील पर शनिवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में मारे गए चारों जनों का रविवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्ट मार्टम किया गया। पोस्ट मार्टम के दौरान गांव के सैकड़ों लोग और परिजन मौजूद रहे। मृतक महेंद्र के बड़े भाई प्रकाश सहित परिवार के सभी सदस्य रो-रोकर बेहाल हैं। शवों को पोस्ट मार्टम के बाद गांव नांगल खेड़ा भेज दिया गया, जहां अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
शनिवार रात एक तेज रफ्तार थार कार ने आगे चल रही बाइक को पीछे से टक्कर मार दी थी। टक्कर के बाद कार ने बाइक को करीब 200 मीटर तक घसीटा था।एक बच्ची 500 मीटर दूर थार की छत पर घायल अवस्था में मिली। हादसे के सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हादसे में नांगल खेड़ा निवासी महेंद्र (35), पत्नी गुड्डी (35), बेटा पूर्वांश (2) और भतीजी पायल (8) की मौत हो गई थी, जबकि भतीजी खुशबू (4) गंभीर घायल है और जिला अस्पताल में उपचाराधीन है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थार की रफ्तार करीब 130 किमी प्रति घंटे थी। हादसे के बाद चालक गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
SI बंशीलाल ने बताया- बाइक पर पांच लोग सवार थे। कार ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। थार सवार हादसे के बाद गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। थार और बाइक को थाने भिजवा कर जांच शुरू कर दी है।
एडवोकेट रामजीवन बोध ने बताया कि प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है और योजनाओं के तहत बचे हुए बच्चों की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
घटनास्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि “राज्य सरकार सड़क हादसे रोकने की बात तो करती है, लेकिन ब्लैक स्पॉट्स पर न तो संकेतक हैं और न ही सुरक्षा इंतजाम।”
यह भयानक हादसा है। एक ही परिवार के चार जनों की मौत हो गई। सरकार बार-बार कहती है कि हम ब्लैक प्वाइंट चिह्नित करते हैं, लेकिन वहां पर सफेद पट्टी तक नहीं है। कोई संकेतक नहीं है। आए दिन प्रदेश में बड़े हादसे होते हैं। केवल मीटिंग-मीटिंग खेलने से काम नहीं चलेगा। एक तरफ एक्सीडेंट जीरो करने की बात करते हैं, दूसरी तरफ बड़े-बड़े हादसे हो जाते हैं।