पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए : तीन महीने में 615 ठग गिरफ्तार
पकड़े गए 61 साइबर ठगों के बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों की जांच में जुटी पुलिस
डीग (राजस्पुथान) पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए डीग जिले में अपराधियों के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। आईजी कैलाशचंद्र बिश्नोई और एसपी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में थाना गोपालगढ़ क्षेत्र के गांव हेवतका और नावदा में एक साथ दी गई दबिश के दौरान 48 साइबर ठग गिरफ्तार किए गए, जबकि 13 विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 33 एंड्रॉयड फोन, 65 फर्जी सिम कार्ड, 22 एटीएम कार्ड, एक चेक बुक, एक पास बुक, एचडीएफसी बैंक की स्वैप मशीन, दो लग्जरी चारपहिया वाहन और एक बुलेट मोटरसाइकिल जब्त की।
एसपी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि डीग पुलिस की सघन कार्रवाई से साइबर अपराध में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। पिछले तीन महीनों में 615 साइबर ठग पकड़े गए हैं। जनवरी 2024 में जहां ठगी की ऑनलाइन लोकेशन 21.7% थी, वहीं अब यह घटकर केवल 3% रह गई है। वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, ठगी की घटनाओं में 90% तक कमी आई है।
- आरोपियों से 10 करोड़ रुपए का लेनदेन मिला
61 ठगों की संपत्ति पर कसा जाएगा शिकंजा... डीग पुलिस ने बताया कि पकड़े गए 61 साइबर ठगों के बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों की जांच पहाड़ी डीएसपी गिर्राज मीणा के नेतृत्व में की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक आरोपी पूर्व में अलवर के 20 करोड़ रुपये की ठगी मामले में गिरफ्तार हो चुका है। इसी तरह अन्य आरोपियों से जुड़े लगभग 10 करोड़ रुपये के वित्तीय साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इन सभी खातों और संपत्तियों का विश्लेषण कर रही है, जिसके बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कैलाश चंद बिश्नोई आईजी भरतपुर" का कहना है कि साइबर ठगों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके अंतरराज्यीय नेटवर्क और ठगी के तरीकों का पता लगाया जा सके। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।"


