डहरा मोड पर वन रेन्ज कार्यालय भवन का भूमि पूजन, 22 लाख की लागत से बनेगा भवन
हलैना (विष्णु मित्तल) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 1977 से भवन के अभाव में इधर-उधर किराया और वनपाल नाका हलैना के विश्राम भवन पर चल रहे वन रेन्ज नदबई भवन को वर्ष 2025 के वजट में सौगात दी, जो भवन अब नदबई उपखण्ड क्षेत्र के गांव डहरा मोड बनने जा रहा है। जिसका भूमि पूजन नदबई रेन्ज के रेन्जर राजेश शर्मा एवं वन विभाग के अन्य कर्मचारियों ने किया। रेन्जर राजेश शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 के वजट में नदबई रेन्ज कार्यालय भवन को वजट स्वीकृत किया। भवन के निर्माण को गांव डहरा मोड पर वनपाल नाका एवं वन पौधशाला भूमि का चयन किया गया। सरकार और विभाग के प्रक्रिया के बाद वजट आ गया, वजट की वित्तीय स्वीकृति जारी होने के बाद रेन्ज कार्यालय भवन भूमि का पूजन किया गया। भूमि पूजन के अवसर पर खेडली मोड वननाका के वनपाल रेणुबाला मीणा, हलैना के नरेश कुमार सैनी, डहरा मोड के महावीर सिंह, वन रक्षक आकाश शर्मा, हेमलता सिंह, रिंकी सावलियां, वर्षा फौजदार, रमन सिंह, हुकम सिंह, केशव सिंह, धर्मयुग सिंह आदि मौजूद रहे।
- साल 1977 में खुला रेन्ज कार्यालय
दिवंगत विधानसभा उपाध्यक्ष एवं नदगई के रहे विधायक यदुनाथ सिंह के प्रयास से साल 1977 में नदबई को वन रेन्ज का दर्जा मिला और वन रेन्ज कार्यालय खुला। जो वर्ष 1977 से 2009 तक कस्वा नदबई में एक किराया के भवन में चला, जिसके बाद वर्ष 2024 तक नदबई उपखण्ड के गांव बुढवारी में वन विभाग के भवन में चला, जहां भवन छोटा था और मूलभूत सुविधाएं नही थी। जिसके बाद रेन्ज कार्यालय को अस्थाई रूप से कस्वा हलैना स्थित हलैना कैनाल किनारे वन विभाग के वर्ष 1095 में बने विश्राम भवन में संचालित कर दिया, जहां आज भी रेन्ज कार्यालय संचालित है। भाजपा नेता दौलत सिंह फौजदार, शिक्षाविद्व अजय कटारा एवं भाजपा जिला महामंत्री राजू कटारा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात करते हुए वन रेन्ज कार्यालय नदबई की हालत से अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2025 में भवन को वजट स्वीकृत किया और गांव डहरा मोड पर भूमि उपलब्ध कराई।

