पेयजल कार्यों में आई तेजी, 5 साल ठप रही योजना को मिली रफ्तार; 48 करोड़ की योजना से मिलेगी जल संकट से राहत
खैरथल (हीरालाल भूरानी शहर में वर्षों से चली आ रही पीने के पानी की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत 48 करोड़ रुपए की शहरी पेयजल पुनर्गठित योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे आने वाले समय में शहरवासियों को नियमित और पर्याप्त जल आपूर्ति मिल सकेगी।
योजना की प्रगति का निरीक्षण करने के लिए जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र यादव, सहायक अभियंता शक्ति सिंह तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा ने कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने पाइपलाइन बिछाने, जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के कार्यों की समीक्षा की तथा कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान तत्कालीन विधायक रामहेत सिंह यादव के प्रयासों से खैरथल के लिए करीब 52 करोड़ रुपए की पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन पिछले पांच वर्षों में यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। इस अवधि में शहर की आबादी बढ़ने के बावजूद पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कोई ठोस वैकल्पिक योजना लागू नहीं की गई, जिससे जल संकट और गहरांता चला गया।
वर्तमान भाजपा सरकार के गठन के बाद पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव की अनुशंसा पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कन्हैया, लाल चौधरी के सहयोग से खैरथल शहर के लिए 48 करोड़ रुपए की शहरी पेयजल योजना तथा ग्रामीण क्षेत्र के 21 गांवों के लिए 78 करोड़ रुपए की पेयजल योजना को स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं के तहत नए जल स्रोतों से जोड़, पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों का पुनर्गठन तथा दबाव के साथ घर-घर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि योजना के पूर्ण होने के बाद न केवल वर्तमान जरूरतें पूरी होंगी, ब्रल्कि आने वाले वर्षों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए भी पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इससे गर्मी के मौसम में होने वाली पेयजल किल्लत से शहरवासियों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिशासी अभियन्ता धर्मेंद्र यादव ने बताया कि खैरथल में 48 करोड़ रुपए की शहरी पेयजल योजना के के कार्य तेजी से चल रहे हैं। योजना के तहत पुरानी पाइपलाइनों को बदलकर जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और योजना पूरी होने पर शहरवासियों को नियमित व पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।