डीडवाना-कुचामन में गहराएगा जल संकट, 20 मार्च से 45 दिनों की 'नहरबंदी', जलदाय विभाग ने कसी कमर
डीडवाना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान में गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की किल्लत डराने लगी है। डीडवाना-कुचामन जिले में आगामी 20 मार्च से 3 मई तक इंदिरा गांधी मुख्य नहर में मरम्मत और सफाई कार्य के चलते पूर्ण 'नहरबंदी' की घोषणा की गई है। करीब डेढ़ महीने तक चलने वाली इस नहरबंदी से पूरे जिले की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। विभागीय जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी मुख्य नहर में प्रतिवर्ष होने वाले रखरखाव और सुदृढ़ीकरण कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान नहर से पानी की आवक पूरी तरह बंद रहेगी, जिससे डीडवाना जिले को होने वाली मीठे पानी की सप्लाई सीधे तौर पर बाधित होगी। नहरी परियोजना के अधीक्षण अभियंता पी.एस. तंवर ने बताया कि विभाग का पूरा ध्यान वर्तमान में नोखा दैया डेम में अधिकतम जल संचयन पर है। जिसका वर्तमान भंडारण 10,000 मिलियन लीटर है, जिसकी कुल क्षमता 10,110 एमएलडी है, वर्तमान स्टॉक लगभग 30 दिनों की आपूर्ति के लिए पर्याप्त है। जलदाय विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय का प्रबंधन है। नहरबंदी आधिकारिक रूप से 45 दिनों की घोषित है, जिसे आवश्यकतानुसार 60 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। जबकि वर्तमान जल भंडारण केवल एक महीने का है। ऐसे में विभाग के लिए शेष 15 से 30 दिनों तक पानी की सुचारू सप्लाई बनाए रखना एक बड़ी परीक्षा साबित होगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नहरबंदी के दौरान पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और अपव्यय से बचें। विभाग संसाधनों के संतुलित वितरण के लिए माइक्रो-प्लानिंग कर रहा है।