पूज्य आचार्य हुक्मीचंदजी म.सा. के छंद जाप से गूंजा बीएसएल परिसर, आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ वातावरण
भीलवाड़ा, (बृजेश शर्मा) गच्छाधिपति आचार्य हुक्मीचंदजी म.सा. की पावन स्मृति में बुधवार को बीएसएल परिसर में आयोजित अनुष्ठान आराधना में उनके छंद का जाप किया गया। अनुष्ठान आराधिका ज्योतिष चन्द्रिका महासाध्वी डॉ. कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में भक्ति, आराधना और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। छंद जाप के दौरान पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
महासाध्वी मण्डल ने आचार्य हुक्मीचंदजी म.सा. के प्रेरणादायी जीवन, तप और त्याग की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि वे तप-त्याग की प्रतिमूर्ति थे जिन्होंने 21 वर्षों तक बेला तप किया और मीठे का त्याग रखा। उनका नाम लेने मात्र से जीवन में सुख, शांति और रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है।
अनुष्ठान की शुरुआत श्री व्रज पंच्जर स्तोत्र की आराधना से हुई। बीएसएल परिवार के लाभार्थ प्रवीण जैन व अतिथियों द्वारा नवकार मंत्र चौकी की स्थापना की गई। महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. ने बीएसएल परिवार को मंगलभावनाएं दीं। कार्यक्रम में महासाध्वी महाप्रज्ञाजी म.सा., साध्वी पद्मकीर्तिजी म.सा. और साध्वी राजकीर्तिजी म.सा. ने श्रद्धापूर्वक आराधना कराई।
बीएसएल महिला क्लब की सदस्यों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समाजसेवी महावीरसिंह चौधरी, पुलिस उप अधीक्षक जितेन्द्रसिंह मेड़तिया, नाकोड़ा धाम के पुजारी धनराज शर्मा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। स्वागत बीएसएल डायरेक्टर प्रवीण जैन ने किया तथा संचालन राजेन्द्र सुराना ने किया।
भीलवाड़ा, हमीरगढ़, गंगरार, चित्तौड़गढ़, बिजयनगर, गुलाबपुरा सहित कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस भक्ति अनुष्ठान में शामिल हुए। सुबह व्हाइट सीजन रिसोर्ट से बीएसएल पहुंचने पर महासाध्वी मंडल का भावपूर्ण स्वागत किया गया।
महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा की आगामी विहार यात्रा के अनुसार 26 मार्च को बीएसएल से नितिन स्पिनर्स, 27 मार्च को हमीरगढ़ और 28 मार्च को सादी गांव स्थित निमड़ी वाले नाकोड़ा धाम में प्रवास रहेगा। 30 मार्च को महासाध्वी मंडल गंगरार पहुंचेगा जहां श्रीसंघ गंगरार के तत्वावधान में अनुष्ठान आराधना होगी।