तारबंदी योजना से किसानों को फसल सुरक्षा में मिल रही मजबूती 60 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों की फसलों की सुरक्षा एवं उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से तारबंदी योजना संचालित की जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य नीलगाय एवं निराश्रित पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाना है।
संयुक्त निदेशक कृषि विभाग राधेश्याम मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषकों को अनुदान के तहत 400 रनिंग मीटर तक तारबंदी स्थापित करने पर लघु एवं सीमान्त किसानों को लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 48 हजार रुपये (जो भी कम हो) तथा सामान्य कृषकों को लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सामुदायिक आवेदन के तहत 10 या अधिक किसानों के समूह द्वारा न्यूनतम 5 हेक्टेयर क्षेत्र में तारबंदी करने पर लागत का 70 प्रतिशत अथवा अधिकतम 56 हजार रुपये (जो भी कम हो) तक अनुदान देय है। परिधि के आधार पर तारबंदी करने पर प्रोराटा बेसिस पर अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। प्रति कृषक अधिकतम 400 रनिंग मीटर तक अनुदान दिया जाएगा। योजना की पात्रता के संबंध में उन्होंने बताया कि इसका लाभ सभी श्रेणी के कृषकों को दिया जाएगा। व्यक्तिगत एवं समूह आवेदन के लिए आवेदक के पास न्यूनतम 1.5 हेक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर होना आवश्यक है। वहीं अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में जोत का आकार कम होने के कारण न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर होना पर्याप्त होगा।
सामुदायिक आवेदन के लिए 10 या अधिक किसानों का समूह होना तथा न्यूनतम 5 हेक्टेयर भूमि एक ही निर्धारित परिधि में होना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला भरतपुर को 2 लाख 50 हजार 50 मीटर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें से अब तक 1लाख 45 हजार 154 मीटर की उपलब्धि हासिल की जा चुकी है। कृषि विभाग ने अधिक से अधिक किसानों से योजना का लाभ उठाकर अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।