नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल का गिरना महिलाओं की आकांक्षाओं पर आघात: सुनीता माहेश्वरी
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। भारतीय जनता पार्टी, नागौर देहात (डीडवाना-कुचामन) की जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित बिल के लोकसभा में गिरने पर गहरा खेद व्यक्त किया है।
उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम करार देते हुए कहा कि इससे देश की मातृशक्ति की उम्मीदों को गहरा धक्का लगा है। जिलाध्यक्ष माहेश्वरी ने जारी बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी दिलाने का एक ऐतिहासिक प्रयास था, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के कारण इसे सफलता नहीं मिल सकी। माहेश्वरी ने सीधा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करना उनकी 'महिला विरोधी मानसिकता' को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि देश की महिलाएं नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनका स्पष्ट विजन रहा है कि महिलाएं केवल लाभार्थी न रहें, बल्कि राष्ट्र के नीति निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार मातृशक्ति के साथ मजबूती से खड़ी है। भविष्य में जनता और मातृशक्ति के आशीर्वाद से ऐसे सकारात्मक प्रयास अवश्य सफल होंगे। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए भाजपा का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।


