स्मार्टफ़ोन पर अचानक तेज़ आवाज़ के साथ आया इमरजेंसी अलर्ट; लोग बोले-लगा युद्ध के कारण आया: एक बार घबरा गए

May 2, 2026 - 15:10
May 2, 2026 - 15:30
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स्मार्टफ़ोन पर अचानक तेज़ आवाज़ के साथ आया इमरजेंसी अलर्ट; लोग बोले-लगा युद्ध के कारण आया: एक बार घबरा गए

लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) सरकार द्वारा दी गई सूचना के बाद भी जिन लोगों ने सूचना को नहीं पढ़ाआज सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज बजने से कुछ लोग हैरत में पड़ गए। सभी के मन में सवाल उठा कि ये सायरन क्यों बजा। दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया।

इस परीक्षण का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान समय पर सतर्क करना है। अलर्ट में साफ बताया गया कि यह केवल एक परीक्षण है। इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य परीक्षण करना है, ताकि लोगों के फ़ोन पर सीधे और लगभग रियल टाइम में इमरजेंसी अलर्ट पहुंचाना है।
जबकि पूर्व में ही दूरसंचार विभाग ने एक्स पोस्ट में बताया अगर आपके फ़ोन पर अलर्ट मैसेज आए, घबराएं नहीं। यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग का हिस्सा है, ताकि आपदा के समय सही जानकारी समय पर मिल सके । टेस्टिंग के दौरान यह संदेश बार-बार आ सकता है। इसे अनदेखा करें, आपको कुछ करने की ज़रूरत नहीं है। 
भारत सरकार की ओर से मोबाइल पर मिले अलर्ट में लिखा था, भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की है, जिससे नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचना मिल सकेगी। सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र." मैसेज में लिखा था, "इस संदेश को प्राप्त करने पर जनता को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। यह एक परीक्षण संदेश है।
इससे पहले शुक्रवार को नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की ओर से भी एक एसएमएस भेजा गया था । इसमें बताया गया था कि 2 मई को 'सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट' का परीक्षण होगा।  यह पहल नागरिकों की सुरक्षा को और मजबूत करने और आपदा के समय तेजी से जानकारी पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है।

एक दिन पहले ही मिल गई थी जानकारी

योगेंद्र द्विवेदी ने बताया- आज जो अलर्ट मैसेज आए थे, उसकी जानकारी शुक्रवार से ही थी। इस अलर्ट मैसेज से पहले कल हमारे पास मैसेज आया था। इसमें सूचना दी गई थी कि भारत सरकार की ओर से एक मैसेज आएगा। जो अलर्ट करने के लिए होगा। इसमें किसी तरह से घबराने और रिएक्शन करने की जरूरत नहीं है।

रितिक कुमार- मैं फोन पर बात कर रहा था, इस दौरान फोन में अजीब आवाज और अलर्ट आने लगा। इससे मैं घबरा गया। एक बार सोचा फोन में क्या हो गया। मन में यही सवाल था यह मैसेज क्यों आया है और किसने भेजा है। एक बार के लिए लगा कि कहीं यह युद्ध के कारण तो नहीं आया है। कोई अनहोनी तो होने वाली नहीं है।

  • सबके फोन पर अलार्म जैसा बजा। सब लोग इस दौरान एक दूसरे को देख रहे थे। पूछ रहे थे क्या हो रहा है। सब एक दूसरे से पूछने लगे कि क्या तुम्हारा फोन भी बज रहा है। हालांकि फिर सब लोगों को पता चल गया था कि यह गवर्नमेंट की तरफ से भेजा गया है। इसके लिए एक दिन पहले ही लोगों को मैसेज भेजा गया था।

देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम

  • इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है।

सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा

  • NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी।

सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है।

 यह एक सेल ब्रॉडकास्ट सेवा तकनीक है, जिससे सरकार किसी इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मैसेज भेज सकती है। SMS में मैसेज नंबर-टू-नंबर जाता है, जबकि CBS में पूरे इलाके(सेल/टावर कवरेज) के सभी फोन पर एक साथ मैसेज पहुंचता है। आपदा चेतावनी (भूकंप, बाढ़, चक्रवात), मौसम अलर्ट, राष्ट्रीय/आपातकालीन सूचना। CBS बिना इंटरनेट के भी काम करता है।

अगर फोन नेटवर्क कवरेज में है और CBS फीचर एक्टिव है तो मैसेज आता है।भारत में इसे NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और टेलीकॉम विभाग लागू कर रहे हैं।

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