उदयपुरवाटी में "चट मंगनी पट ब्याह": गए थे गोद भराई करने, दुल्हन लेकर लौटे घर; बिना दहेज परिणय सूत्र में बंधे ललित और रेणुका
उदयपुरवाटी (झुंझुनू/सुमेर सिंह राव) इंद्रपुरा गांव के वार्ड नंबर 24 (कुआं बांकली) निवासी मूलचंद सैनी के परिवार ने समाज में व्याप्त दहेज रूपी कुरीति पर कड़ा प्रहार करते हुए एक सराहनीय मिसाल पेश की है। मूलचंद सैनी के सुपुत्र ललित और सीकर (सबलपुरा) निवासी रामपाल जमालपुरिया की सुपुत्री रेणुका का विवाह "चट मंगनी पट ब्याह" की लोकोक्ति को चरितार्थ करते हुए सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
- गोद भराई की रस्म बदली विवाह के उत्सव में:-
परिचितों ने बताया कि मूलचंद सैनी अपने बेटे ललित की गोद भराई की रस्म पूरी करने के लिए सीकर गए थे। लेकिन दोनों परिवारों की आपसी सहमति और सामाजिक फिजूलखर्ची रोकने के उद्देश्य से वहीं पर विवाह की रस्में पूरी की गईं। गोद भराई करने गया परिवार पुत्रवधू को दुल्हन बनाकर घर लौटा, जिससे दोनों परिवारों में खुशी का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि दूल्हा ललित वर्तमान में RAS की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दुल्हन रेणुका भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हैं। एक शिक्षित परिवार द्वारा अपनाई गई यह सादगी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
बेटे के पिता मूलचंद सैनी ने जानकारी देते हुए कहा कि:- "दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक बुराई है जो न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि हिंसा का कारण भी बनती है। हमने दहेज के रूप में सिर्फ कन्या और कलश स्वीकार किया है। महंगाई के इस दौर में फिजूलखर्ची से बचने के लिए हर परिवार को ऐसे कदम उठाने चाहिए।"
बिना ताम-झाम और बिना दहेज के हुई इस अनूठी शादी की चर्चा पूरे उदयपुरवाटी क्षेत्र में हो रही है। ग्रामीणों ने सैनी परिवार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।


