मालिकाना हक पाकर नरेश की आंखें हुई खुशी से नम; 'ग्राम रथ अभियान' ने मौके पर दिलाया भूमि का पट्टा, लाभार्थी की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गाँव-ढाणी तक पहुँचाने के लिए संचालित 'ग्राम रथ अभियान' शनिवार को सेवर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत ऊंदरा में एक गरीब परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर पहुँचा। शिविर के दौरान ग्राम पंचायत ऊंदरा (ठेई) निवासी नरेश को उनकी भूमि का स्वामित्व पट्टा मौके पर ही प्रदान कर उन्हें कानूनी मालिकाना हक दिया गया।
लाभार्थी नरेश पुत्र रमेश ने भावुक होते हुए बताया कि भूमि का पट्टा न होने के कारण उन्हें बैंक से ऋण प्राप्त करने में लंबे समय से बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। पट्टे के अभाव में उनके कृषि कार्य और परिवार की आर्थिक जरूरतें रुकी हुई थीं। शनिवार को जब 'ग्राम रथ' ऊंदरा पहुँचा, तो नरेश ने अपनी व्यथा उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता के समक्ष रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को नरेश के आवेदन पत्र के दस्तावेजों की मौके पर ही पूर्ति करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस सक्रियता का परिणाम रहा कि नरेश को कुछ ही समय में स्वामित्व पट्टा सौंप दिया गया। मालिकाना हक पाकर नरेश की आँखें खुशी से नम हो गईं।
नरेश ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा:- "जब योजनाएं इस तरह धरातल पर लागू होती हैं, तो हम जैसे आम लोगों का जीवन बदल जाता है। ग्राम रथ अभियान मेरे लिए वरदान साबित हुआ है। अब मैं बैंक से ऋण लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकूँगा।"
ऊंदरा में आयोजित इस जनजागरूकता शिविर में एलईडी मोबाइल वैन (ग्राम रथ) के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की प्रमुख योजनाओं, पशुपालन और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभान्वित करना है।


