अंय मुख्य नहर निर्माण में लापरवाही: 3 हजार वर्ग फीट घटिया लाइनिंग ध्वस्त, कार्य रुकवाया गया
अंता (बारां/ (शफीक मंसूरी ) चंबल की दांयीं मुख्य नहर (RMC) के पक्कीकरण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं और घटिया निर्माण के विरुद्ध सिंचाई विभाग (CAD) ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया में भ्रष्टाचार की खबरें उजागर होने के बाद उच्च अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और मानक के अनुरूप कार्य न पाए जाने पर बुधवार को 3 हजार वर्ग फीट (लगभग 500 मीटर) में नवनिर्मित घटिया लाइनिंग को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करवा दिया।
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सख्त कार्रवाई: अधिशाषी अभियंता हंसराज मीणा के नेतृत्व में 29 अप्रैल को अमलसरा से बारां पुलिया के बीच 16 किमी के कार्यक्षेत्र का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लाइनिंग में दरारें और तकनीकी खामियां मिलने पर तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्यों को तुड़वाने के आदेश जारी किए गए।
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तकनीकी विफलता: जांच में पाया गया कि संवेदक (ठेकेदार) द्वारा नियमानुसार 4 इंच के स्थान पर मात्र 2 इंच का बेस दिया जा रहा था। साथ ही $45^\circ\text{C}$ जैसी भीषण गर्मी में बिना उचित तराई (Curing) और पेवर/वाइब्रेटर के उपयोग के ही कंक्रीट कार्य किया जा रहा था, जिससे निर्माण में जगह-जगह दरारें उभर आईं।
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नियमों की अनदेखी: परियोजना स्थल पर सूचना पटल का अभाव और काली मिट्टी पर ही बिना CNS परत के कंक्रीट डालने जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई है।
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भविष्य की रणनीति: विभाग ने संबंधित संवेदकों को सख्त चेतावनी जारी की है। अधिशाषी अभियंता ने स्पष्ट किया कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार ही गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। यदि भविष्य में सुधार नहीं हुआ, तो संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी।
हंसराज मीणा, अधिशाषी अभियंता, CAD का पक्ष: "नहर सुदृढ़ीकरण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। जहां भी खामी मिली है, वहां निर्माण को ध्वस्त कराकर नए सिरे से मानक अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं को भी निगरानी में सतर्कता बरतने हेतु पाबंद किया गया है।"
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