आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: अजंता केमिकल शराब फैक्ट्री पर छापा, टैक्स चोरी की 220 पेटी अवैध शराब सहित तीन गिरफ्तार
अलवर: (अनिल गुप्ता) अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र (MIA) में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए टैक्स चोरी के खेल का पर्दाफाश किया है। आबकारी विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते के साथ एमआईए स्थित 'अजंता केमिकल देशी शराब फैक्ट्री' पर अचानक धावा बोलकर राजस्थान सरकार को राजस्व का चूना लगाकर अवैध रूप से ले जाई जा रही 220 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की है। इस अचानक हुई छापेमारी से फैक्ट्री प्रबंधन और शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया।
पिकअप में लोड की जा रही थी अवैध खेप
जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि अजंता केमिकल फैक्ट्री द्वारा बिना सर्विस टैक्स चुकाए, चोरी-छिपे शराब का निर्माण कर उसे बाजार में खपाया जा रहा है।
इस सटीक सूचना पर आबकारी अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ फैक्ट्री परिसर में दबिश दी। मौके पर एक पिकअप गाड़ी में लोड की जा रही 'राइडर' ब्रांड देशी शराब की 220 पेटियां बरामद की गईं, जिन्हें बिना किसी वैध दस्तावेज और टैक्स भुगतान के बाहर भेजने की तैयारी थी।
जीएम सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
आबकारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से अवैध शराब व पिकअप गाड़ी को जब्त कर लिया और घटना में संलिप्त तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
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सुबोध बोस (जनरल मैनेजर - GM, अजंता केमिकल)
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निहाल सिंह (फैक्ट्री वर्कर)
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किशन (पिकअप चालक)
8,500 लीटर स्प्रिट गायब, बड़े घोटाले की आशंका
शराब की खेप पकड़े जाने के बाद जब आबकारी विभाग की तकनीकी टीम ने फैक्ट्री के भीतर रखे कच्चे माल और स्प्रिट के स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, तो वहां रिकॉर्ड के मुकाबले 8,500 लीटर स्प्रिट कम पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा में स्प्रिट का गायब होना यह दर्शाता है कि फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
आबकारी विभाग का संदेश: राज्य सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले और अवैध शराब के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे नेक्सस की गहराई से जांच की जा रही है कि यह अवैध शराब कहां सप्लाई की जानी थी।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा फैक्ट्री के अन्य रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।


