जनगणना में सही जानकारी देने से सरकारी योजनाओं या गैस कनेक्शन पर नहीं पड़ेगा कोई असर: जिला जनगणना अधिकारी
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जनगणना के समय प्रगणकों द्वारा जनगणना संबन्धित जानकारी का किसी भी अन्य व्यक्ति द्वारा निरीक्षण नहीं किया जा सकता और ना ही वे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए जा सकेगें। प्रगणकांे द्वारा राशन कार्ड, वोटर सूची अथवा अन्य किसी सूची के आधार पर जनगणना आंकडों का मिलान नहीं किया जा सकता।
जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा ने बताया कि गैस सिलेंडर के बाद भी चूल्हा जलाया तो कनेक्शन होगा रद्द शीर्षक से प्रकाशित समाचार भ्रामक एवं असत्य हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के अनुसार जनगणना के अभिलेखों का निरीक्षण नहीं किया जा सकता और ना ही वे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए जा सकेगें। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य निदेशालय के पत्र अनुसार प्रगणकांे द्वारा राशन कार्ड, वोटर सूची अथवा अन्य किसी सूची के आधार पर जनगणना आंकडों का मिलान नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि समाचार में प्रकाशित तथ्य जिले में 2295 ब्लॉक्स एवं नगर निगम में 454 ब्लॉक्स गलत हैं वास्तविक रूप में जिले में 2296 ब्लॉक्स एवं नगर निगम में 460 ब्लॉक्स है।
उन्होंने बताया कि प्रगणक द्वारा पूछे जाने वाले जनगणना से संबधित किसी भी प्रश्न का केन्द्र/राज्य सरकार द्धारा चलाई जा रही योजनाओं से किसी भी प्रकार का कोई संबध नहीं है। यह केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं से पूर्णतया अलग है। उन्होंने बताया कि किसी परिवार के पास गैस कनैक्शन है तब भी वह घर में चूल्हे का उपयोग कर सकता है, इससे उसके गैस कनेक्शन पर कोई प्रभाव नहीं पडेगा।
उन्होंने जनगणना कार्य को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए अपील की है कि भ्रामक एवं असत्य खबरों का आमजन पर प्रभाव पड़ता है एसे में ऐसी खबरों से बचें। उन्होंने आमजन को भी प्रगणकों को निर्भीक होकर सत्य जानकारी देने का आव्हान किया है जिससे जनगणना के डाटा के आधार पर देश में भविष्य की योजनाऐं एवं कार्यक्रम शुरू किए जा सके।


