झड़ाया धाम में 108 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ के चौथे दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अब तक 11 लाख आहुतियां; 25 जून को मुख्यमंत्री का प्रस्तावित दौरा
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)। उपखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध झड़ाया धाम में आयोजित हो रहे 108 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ के चौथे दिन भी श्रद्धा, भक्ति और जनकल्याण की भावना के साथ वैदिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा। यज्ञशाला में मंत्रोच्चार के मध्य आहुतियां दी गईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और पवित्र हो उठा। श्रद्धालुओं ने यहाँ धर्म, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आत्मसात किया।
- मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मुस्तैद
यज्ञ समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगामी 25 जून को राजस्थान के मुख्यमंत्री का झड़ाया धाम में प्रस्तावित आगमन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद और सुव्यवस्थित करने के लिए यज्ञ समिति एवं स्थानीय प्रशासन लगातार समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
- विश्व शांति और तनाव मुक्ति का माध्यम है यज्ञ
महायज्ञ के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए यज्ञाचार्य डॉ. श्रीकृष्ण शर्मा व उप यज्ञाचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व शांति की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। इस महायज्ञ का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण एवं पर्यावरण शुद्धि है। उन्होंने यह भी साझा किया कि यज्ञ के दौरान वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की सकारात्मक खबरें भी सामने आई हैं, जिन्हें श्रद्धालु शुभ संकेत के रूप में देख रहे हैं। सह यज्ञाचार्य संजय शास्त्री ने बताया कि महायज्ञ में अब तक 11 लाख से अधिक आहुतियां अर्पित की जा चुकी हैं तथा आगामी दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी।
- पर्यावरण संरक्षण: प्रसाद में मिल रहे अभिमंत्रित पौधे
महायज्ञ के तहत एक विशेष पर्यावरणीय पहल की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत श्रद्धालुओं को संतों एवं यज्ञाचार्यों द्वारा अभिमंत्रित पौधे भेंट किए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें इन पौधों की तब तक देखभाल करने का संकल्प दिलाया जा रहा है, जब तक वे वृक्ष न बन जाएं। संयोजक जगदीश जाखड़ ने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा पौध संरक्षण अभियान को मिल रहा भारी समर्थन इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
- रामकथा में आज सजेगा सीता स्वयंवर का प्रसंग
दोपहर के सत्र में आयोजित रामकथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास ने जानकारी दी कि आगामी कथा सत्र में माता सीता स्वयंवर का भव्य एवं आकर्षक सजीव चित्रण प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- विशाल अन्नक्षेत्र और मेले का आनंद
यज्ञ परिसर में संचालित विशाल अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भोजन प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। वहीं, महायज्ञ के साथ लगे विशाल मेले एवं आकर्षक झूलों का बच्चे और बुजुर्ग भरपूर आनंद ले रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र एक बड़े धार्मिक उत्सव के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
- कई गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, यज्ञ समिति अध्यक्ष मदनलाल भावरिया, यज्ञ समिति संयोजक जगदीश जाखड़, डॉ. रामावतार गजराज, डॉ. हीरा शंकर, डॉ. रामकुमार, मुक्ति लाल सैनी, सुभाष लांबा, महादेव जांगिड़, रामकुमार वर्मा, हरेंद्र काजला, भगवान सहाय, विकास यादव, श्रीलाल एवं दीपचंद दादरवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। अध्यक्ष मदनलाल भावरिया ने बताया कि यह महायज्ञ समाज में धर्म, संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक समरसता का एक बड़ा संदेश दे रहा है।


