सिरोही-आबू की दूरी होगी आधी: गुलाबगंज से आबू पर्वत के लिए 205 करोड़ का बजट मंजूर, वैकल्पिक सड़क का वर्क ऑर्डर जारी
सिरोही (राजस्थान) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आबू दौरे और आबूपर्वत विकास समिति की बैठक के बाद क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है। गुलाबगंज से आबू पर्वत तक प्रस्तावित 23 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक सड़क मार्ग के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय सड़क निधि कोष (CRIF) से 205 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है। इस नए मार्ग के बनने से सिरोही जिला मुख्यालय से आबू पर्वत की दूरी 100 किमी से घटकर मात्र 55 किलोमीटर रह जाएगी। इससे पर्यटकों के समय और ईंधन की भारी बचत होगी।
- वर्तमान मार्ग को चौड़ा करना संभव नहीं, वायुसेना के लिए भी अहम
आबू विकास समिति की बैठक में जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी ने इस वैकल्पिक मार्ग की उपयोगिता को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने तकनीकी कारण बताते हुए कहा कि वर्तमान आबू-आबूरोड मार्ग के एक तरफ गहरी खाई और दूसरी तरफ विशाल चट्टानें हैं, जिससे उसका चौड़ीकरण संभव नहीं है। ऐसे में गुलाबगंज मार्ग ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है। इसके अलावा, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय प्लान के तहत वायुसेना को भी यहाँ एक सुरक्षित व सुगम मार्ग की आवश्यकता है। समिति ने इन तथ्यों को स्वीकार करते हुए परियोजना को हरी झंडी दे दी है।
- सीएम के निर्देश: आबू में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो आवागमन
बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि विश्व विख्यात पर्यटन स्थल आबू पर्वत पर आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए सरल, सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए। यहाँ की सड़कों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप (विश्वस्तरीय) होना चाहिए ताकि पर्यटन को और बढ़ावा मिल सके।
- डीपीआर के लिए वर्क ऑर्डर जारी, 9 महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए रविवार को ही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने का कार्यादेश (Work Order) जारी कर दिया है।
- किसे मिला काम: जयपुर की टेकोमो डेक कंसलटेंट प्रा. लि. को यह जिम्मेदारी दी गई है।
- क्या होगा काम: ₹92 लाख की लागत से यह फर्म आगामी 9 माह में रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें 17 किमी तक टू-लेन बीटी रोड, 6 किमी चौड़ीकरण, सोशल इम्पैक्ट, भूमि अधिग्रहण और वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से एनओसी (NOC) लेने की प्रक्रिया शामिल होगी। केंद्र से अंतिम क्लीयरेंस मिलते ही निर्माण के टेंडर जारी होंगे।
इन ज़िलों के पर्यटकों को होगा सीधा फायदा
यह मार्ग दिल्ली-कांडला फोरलेन से सीधा जुड़ेगा। इसके बनने से जयपुर, जोधपुर, पाली, जालोर, मंडार, सांचौर, बाड़मेर और कांडला की तरफ से आने-जाने वाले पर्यटकों को सीधे हाईवे नंबर 168 व 62 का विकल्प मिलेगा। वर्तमान में आबूरोड पर ट्रैफिक का जो भारी दबाव रहता है, वह काफी कम हो जाएगा। साथ ही रेवदर और सिरोही तहसील में व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
बयानों के झरोखे से...
लुम्बाराम चौधरी, सांसद (जालोर-सिरोही) का कहना है कि - "मैंने सांसद बनते ही इस सड़क को अपनी प्राथमिकता में लिया था। ₹205 करोड़ की स्वीकृति के लिए मैं पीएम नरेंद्र मोदी और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभारी हूँ। 'डबल इंजन' सरकार में अब यह काम तेजी से पूरा होगा।"
स्थानीय जनप्रतिनिधि/निवासियों का कहना है कि "पिछले 45-50 वर्षों से इस अधूरी पड़ी सड़क की मांग को लेकर हर स्तर पर पत्र व्यवहार किया जा रहा था। आबू विकास समिति के इस सकारात्मक रुख से अब यह वर्षों पुराना सपना पूरा होने की उम्मीद जगी है।"


