राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतरराष्ट्रीय 'साइबर स्लेवरी' और मानव तस्करी नेटवर्क के 3 और शातिर आरोपी गिरफ्तार, अब तक 8 दबोचे गए

Aug 6, 2026 - 00:50
Aug 6, 2026 - 17:25
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राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतरराष्ट्रीय 'साइबर स्लेवरी' और मानव तस्करी नेटवर्क के 3 और शातिर आरोपी गिरफ्तार, अब तक 8 दबोचे गए

जयपुर। राजस्थान पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम थाने ने अंतरराष्ट्रीय 'साइबर स्लेवरी' और मानव तस्करी से जुड़े एक बहुत बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस संगठित गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों की कुल संख्या आठ हो गई है। यह नेटवर्क राजस्थान सहित भारत के विभिन्न राज्यों के युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी का लालच देकर कंबोडिया, म्यांमार, लाओस और थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भेजता था, जहाँ उनके पासपोर्ट ज़ब्त कर उन्हें बंधक बनाकर साइबर ठगी करवाई जाती थी।

3 नए आरोपी गिरफ्तार, अलग-अलग भूमिकाएं आईं सामने

एडीजी (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त इनपुट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा:

  • फिरोज काठात उर्फ 'माफिया': कंबोडिया के स्कैम सेंटर में महिला बनकर फर्जी क्रिप्टो योजनाओं में भारतीयों को फंसाने और म्यूल बैंक अकाउंट संचालित करने का काम करता था।

  • कानू सिंह उर्फ 'पायथन': महिला प्रोफाइल बनाकर ऑनलाइन ठगी करता था और कमीशन के लालच में 4 अन्य भारतीय युवाओं को भी कंबोडिया के स्कैम कंपाउंड में भेज चुका था।

  • आरिफ काठात उर्फ 'दीपू': फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर झूठा बैलेंस दिखाकर निवेशकों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लाखों रुपये ठगता था।

चीनी माफिया के इशारे पर 'डिजिटल अरेस्ट' और क्रिप्टो फ्रॉड

जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क चीनी माफिया के इशारे पर काम कर रहा था। भारतीय युवाओं को 800 से 1000 डॉलर प्रतिमाह वेतन का झांसा देकर विदेश बुलाया जाता था और फिर उनसे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, क्रिप्टो फ्रॉड और जॉब स्कैम जैसी ठगी कराई जाती थी। इससे पहले पुलिस ने कोलकाता से जीतूराज, रवि और अनिल को गिरफ्तार किया था।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी एजेंसियां

एसपी साइबर क्राइम सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन व डीएसपी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में आरोपियों से मोबाइल, पासपोर्ट, व्हाट्सएप चैट, वीपीएन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस अब हवाला और वित्तीय नेटवर्क के साथ-साथ इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय तारों की गहनता से जांच कर रही है। राजस्थान पुलिस ने आमजन से विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाले ऐसे लुभावने छावों से सावधान रहने की अपील की है।

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