अलवर के लक्ष्मणगढ़ में मेहरबान हुए मेघ: ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश से राहत, बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
लक्ष्मणगढ़ में रिमझिम बारिश ने दी उमसभरी गर्मी को मात, खेतों में लहराई हरियाली; किसानों और आमजन के खिले चेहरे
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन । पिछले कुछ दिनों से चिलचिलाती धूप और भीषण उमस से बेहाल क्षेत्रवासियों को आखिरकार राहत मिल ही गई। बुधवार दोपहर को बादलों की गड़गड़ाहट और हल्की बूंदाबांदी के बाद, गुरुवार तड़के से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने पूरे इलाके का मौसम खुशनुमा बना दिया। ठंडी हवाओं और बारिश की फुहारों ने तन-मन को प्रफुल्लित कर दिया, वहीं खरीफ की फसल को लेकर चिंतित किसानों के चेहरों पर भी रौनक लौटा दी।
बच्चों ने उठाया लुत्फ, बाजारों में रही चहल-पहल
गुरुवार दोपहर लगभग 1 बजे तक रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद दिनभर बादलों का डेरा रहा और मंद-मंद हवाएं चलती रहीं। भीषण गर्मी से राहत मिलते ही शाम ढलते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, जिससे स्थानीय बाजारों में अच्छी-खासी चहल-पहल देखी गई। वहीं छोटे बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर बारिश के पानी में उछलते-कूदते और भीगते हुए मौसम का आनंद लेते नजर आए। हालांकि, कस्बे के कुछ निचले इलाकों में हल्की किचकिच और जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, लेकिन सुहावने मौसम के आगे लोगों ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
खरीफ की फसलों के लिए अमृत साबित हुई बारिश
यह बारिश क्षेत्र के किसानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रही ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी खरीफ फसलों को इस रिमझिम फुहार से नया जीवनदान मिला है और खेतों में हरियाली छा गई है।
इनका कहना है:
"पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस के कारण फसलें प्रभावित हो रही थीं। यह बारिश फसलों के लिए अत्यंत लाभदायक और अमृत समान है। इससे पैदावार में काफी सुधार होगा।"
— मांगीलाल बैरवा, कालूराम मीणा, गंगा लहरी प्रजापत (स्थानीय किसान)

