निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों में जुटा प्रशासन: वीसी के जरिए जिला कलेक्टरों की क्लास, शत-प्रतिशत समयबद्ध कार्य के निर्देश
आगामी नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनावों की तैयारियों की समीक्षा बैठक: आचार संहिता की सख्ती से पालना और निष्पक्ष मतदान पर राज्य निर्वाचन आयुक्त का जोर
जयपुर/भरतपुर (कोश्लेन्द्र दत्तात्रेय)। प्रदेश में आगामी नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से प्रदेश भर के जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टरों), पुलिस अधीक्षकों और निर्वाचन कार्य से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
भयमुक्त और पारदर्शी माहौल में संपन्न हों चुनाव
समीक्षा बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग की मंशा के अनुसार हर पात्र मतदाता को बिना किसी दबाव या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मतदाता सूचियों को अद्यतन करने, मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं जुटाने, मतदान दलों के गठन और उनके गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का काम तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
आचार संहिता उल्लंघन पर होगी त्वरित कार्रवाई
आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता लागू होते ही उसकी कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाए। मतदाताओं को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश या चुनाव संबंधी शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर वहां पर्याप्त पुलिस बल और प्रभावी निगरानी तंत्र तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।
बुनियादी सुविधाओं और समन्वय पर विशेष ध्यान
बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राजेश वर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के जरिए जिला कलेक्टरों को चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, समयबद्ध कार्ययोजना और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया। आयोग ने सभी बूथों पर पेयजल, छाया, बिजली, रैंप और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक बिना किसी परेशानी के मतदान कर सकें।
बैठक के दौरान सभी जिला कलेक्टरों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट पेश की और व्यावहारिक चुनौतियों को साझा किया, जिस पर निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

