भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रेलर ने चाचा-भतीजी को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत
प्रशासनिक देरी से भड़के ग्रामीण, एंबुलेंस में तोड़फोड़ कर लगाया जाम; तीन थानों की पुलिस क्षेत्राधिकार के विवाद में उलझी रही
कोटपूतली-बहरोड़। क्षेत्र के बनार गांव के पास गोपालपुरा मार्ग पर मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार चाचा-भतीजी को बेरहमी से कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक ट्रेलर लेकर फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेलर की नंबर प्लेट पर जानबूझकर ग्रीस लगाया गया था ताकि नंबर न पढ़ा जा सके। मृतकों की पहचान बनार गांव निवासी महेंद्र यादव और उनके बड़े भाई की बेटी के रूप में हुई है।
- दो घंटे देरी से पहुंची एंबुलेंस, भड़का आक्रोश
घटना की सूचना के बाद भी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद करीब दो घंटे तक कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस प्रशासनिक ढिलाई से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर जुटी भारी भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहां पहुंची एक एंबुलेंस में तोड़फोड़ कर दी। उत्तेजित भीड़ ने दुर्घटना के जिम्मेदार ट्रेलर को भी फूंकने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद रोका।
- क्षेत्राधिकार की उलझन में पड़े रहे खाकी के हाथ
हादसे के बाद राहत कार्य शुरू करने के बजाय कोटपूतली, सरूण्ड और पनियाना थाना पुलिस काफी देर तक क्षेत्राधिकार (सीमा विवाद) को लेकर आपस में उलझती नजर आई। पुलिस के इस रवैये को देख ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, यहाँ तक कि कुछ युवकों ने एक पुलिसकर्मी की कॉलर तक पकड़ ली।
- शव उठाने से इनकार, मौके पर धरना
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शवों को उठाने से साफ इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि फरार ट्रेलर चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, नंबर प्लेट छिपाने वाले वाहन मालिकों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। समाचार लिखे जाने तक मौके पर भारी तनाव बना हुआ था और पुलिस के उच्च अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।


