चौरी चौरा ओवरब्रिज निर्माण में बड़ी उपलब्धि, रेल लाइन पर 63 मीटर लंबा बो-स्ट्रिंग गर्डर स्थापित; स्थानीय लोगों ने पुराने ‘वाई’ मॉडल की मांग दोहराई
गोरखपुर (शशि जायसवाल) गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर चौरी चौरा के मुंडेरा बाजार-सोनबरसा मार्ग स्थित निर्माणाधीन ओवरब्रिज परियोजना में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। रविवार को रेलवे ट्रैक के ऊपर 63 मीटर लंबा बो-स्ट्रिंग गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया, जिससे परियोजना के निर्माण कार्य को नई गति मिली है।
जानकारी के अनुसार रेलवे लाइन के ऊपर गर्डर स्थापित करने का कार्य 11 जून से चल रहा था। रविवार को रेलवे प्रशासन से दो घंटे का विशेष ब्लॉक मिलने के बाद धनुषाकार संरचना वाले इस विशाल गर्डर को निर्धारित स्थान पर रखा गया। लगभग 63 मीटर लंबे इस गर्डर के निर्माण पर 5.25 करोड़ रुपये की लागत आई है।
सेतु निगम और रेलवे अधिकारियों की निगरानी में हुए इस कार्य के दौरान रेलवे के उप मुख्य अभियंता एस.के. दुबे, अधिशासी अभियंता वाई.के. मिश्र तथा परियोजना प्रबंधक ए.के. सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सोमवार से गर्डर के नीचे लगे लोहे के चैनलों को जैक की सहायता से हटाने का कार्य शुरू किया गया।
करीब 59 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस ओवरब्रिज को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस भी तेज हो गई है। नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि प्रारंभिक योजना में पुल का स्वरूप ‘वाई’ आकार का था, जिससे क्षेत्र के अधिक लोगों को लाभ मिलने की संभावना थी। हालांकि बाद में डिजाइन बदलकर ‘एल’ आकार कर दिया गया, जिस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है।
वहीं मुंडेरा बाजार की ओर ओवरब्रिज के विस्तार की मांग भी जोर पकड़ रही है। सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार इस हिस्से के निर्माण के लिए लगभग 23 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों का कहना है कि मुंडेरा बाजार क्षेत्र में सबसे अधिक यातायात रहता है, इसलिए पुल का विस्तार वहां तक किया जाना चाहिए।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जुलाई तक ओवरब्रिज को बलिदानी स्मारक तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। साथ ही, अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत होते ही मुंडेरा बाजार की दिशा में निर्माण कार्य भी शुरू किया जा सकता है।
नगर पंचायत चौरी चौरा के पूर्व सभासद एवं व्यापारी नेताओं सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से ओवरब्रिज को मुंडेरा बाजार तक विस्तारित करने की मांग की है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र के व्यापार, आवागमन और समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।


