स्वामी भगत प्रकाश ने बरसी उत्सव में दिया गुरु भक्ति का संदेश, हवन, सत्संग एवं पल्लव में उमड़ी श्रद्धा
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल शहर के हरसौली रोड स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम में स्वामी जीवनमुक्त महाराज की 47वीं बरसी के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय उत्सव पर शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
हवन, सत्संग, प्रवचन एवं भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु चरणों में आस्था व्यक्त की। शनिवार को पल्लव पाकर एवं प्रसाद वितरण के साथ उत्सव का समापन किया ।
प्रेम प्रकाश संप्रदाय के मंडलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश ने सत्संग को संबोधित करते हुए कहा कि 'गुरु का ध्यान, गुरु के नाम का जप और उनके वचनों का पालन ही जीवन को सफल, शांत और आनंदमय बनाता है। ज्ञान, भक्ति और कर्म का संतुलन ही मनुष्य को परमात्मा के निकट ले जाता है।
उत्सव में कोटा से संत मनोहरलाल, ग्वालियर से संत हरिओमलाल, जयपुर से संत मोनूराम, खैरथल आश्रम प्रभारी संत हरिइंद्र प्रेमप्रकाशी, संत उमेशलाल प्रेमप्रकाशी, संत डालूराम, संत कमल, संत हरिदास राम, भगत दीपक, गुरु मंगलगिरी सन्यास आश्रम के संत - जेठानंद गिरी, झूलेलाल मंदिर के - बाबा शीतलदास, होतुराम दरबार - साहिब से मोहन भगत, मोठुका - दरबार साहिब से साई लाल भगत, - भगत माणकचंद, पुनीत भगत - लक्ष्मीचंद एवं भगत दिलीप सहित देशभर से आए संत-महात्माओं ने भी - प्रवचनों के माध्यम से संत परंपरा और - गुरु महिमा पर प्रकाश डाला।
सेवादार राजेश नोतानी, कांतेश भूरानी एवं दीपक जेठानी ने बताया कि शुक्रवार सुबह स्वामी भगत प्रकाश महाराज के आश्रम आगमन पर पूज्य सिंधी पंचायत एवं प्रेम प्रकाश सेवा मंडल के सदस्यों ने भव्य स्वागत किया। सुबह हवन में संतों के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ आहुतियां दीं। इस दौरान शेर - ए- सिंध हीरालाल भूरानी,पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा भी प्रेम प्रकाश आश्रम पहुंचे और स्वामी सहित उपस्थित संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। शनिवार प्रातः 4 से 7 बजे तक सत्संग के पश्चात सुबह 7 बजे पल्लव पाकर समापन किया।


