आस्था और नारी शक्ति का अद्भुत संगम: शिवानी शर्मा ने हरिद्वार में निभाई कांवड़ परंपरा, खैरथल में संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प
खैरथल | हीरालाल भूरानी
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के संकल्प के साथ 'हमारी संस्कृति' फाउंडेशन की संस्थापिका शिवानी शर्मा ने हरिद्वार से पवित्र कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया। यात्रा संपन्न कर लौटने पर उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए युवाओं व महिलाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
हरिद्वार के दिव्य माहौल का वर्णन करते हुए शिवानी शर्मा ने बताया कि वहां का संपूर्ण वातावरण सकारात्मकता और असीम भक्ति रस से सराबोर है। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं का भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास यह सिद्ध करता है कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें आज भी बेहद मजबूत हैं। इस वर्ष यात्रा में विभिन्न प्रकार की आकर्षक कांवड़ों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखना अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
शिवानी ने विशेष रूप से महिलाओं से अपनी आस्था और सामर्थ्य के अनुसार धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मन को असीम शांति, सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन से भरने वाला माध्यम है। यदि मन में दृढ़ विश्वास हो तो कोई भी संकल्प असंभव नहीं रहता।
खैरथल में संस्कृति संरक्षण की अपनी मुहिम का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि 'हमारी संस्कृति' फाउंडेशन के माध्यम से वह भविष्य में भी समाज सेवा, जन-जागरूकता और सांस्कृतिक संवर्धन के कार्य निरंतर जारी रखेंगी। साथ ही अपने माता-पिता के सपनों को साकार करना उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कांवड़ यात्रा के जरिए शिवानी शर्मा ने युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और नैतिक मूल्यों को संजोकर ही जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त की जा सकती है।

