गोविंदगढ़ पुलिस की भैंसडावत में बड़ी कार्रवाई: फर्जी मैसेज भेजकर ऑनलाइन ठगी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार
गोविंदगढ़ (अलवर) स्थानीय थाना पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सोशल मीडिया और फर्जी ट्रांजेक्शन के जरिए लोगों को चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया जाने वाला एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया है।
- बातों में उलझाकर ऐसे देता था वारदात को अंजाम
थानाधिकारी धर्मसिंह ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में साइबर ठगी का खेल चल रहा है। इस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भैंसडावत गांव में दबिश दी। पुलिस ने मौके से आरोपी रविकुमार पुत्र भगवानसिंह प्रजापति (निवासी भैंसडावत) को धर दबोचा।
ठगी का अनोखा तरीका
- प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। वह अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को एक फर्जी मैसेज भेजता था, जिसमें खाते में पैसे क्रेडिट (जमा) होने का दावा होता था। इसके तुरंत बाद वह पीड़ित को फोन कर बातों में उलझाता और कहता कि "गलती से पैसे आपके खाते में ट्रांसफर हो गए हैं।" पीड़ित इंसानियत के नाते जैसे ही रकम वापस लौटाता, वह ठगी का शिकार हो जाता था।
'साइबर संग्राम अभियान 2.0' के तहत कार्रवाई
थानाधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर संग्राम अभियान 2.0' के तहत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, ओएलएक्स फ्रॉड, म्यूल अकाउंट, फर्जी एटीएम और फर्जी सिम (पीओएस) जैसे अपराधों पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है। पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस गैंग में कौन-कौन शामिल है।
- पुलिस की अपील: 'गलती से आए पैसों' के झांसे में न आएं
गोविंदगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति फोन कर खाता नंबर या यूपीआई पर गलती से पैसे आने की बात कहे, तो सबसे पहले अपने बैंक खाते का मूल बैलेंस (Statement) चेक करें। केवल एसएमएस (SMS) देखकर किसी को भी पैसे वापस न भेजें। किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।


