खौंखर निवासी के राजस्व रिकॉर्ड में नाम की त्रुटि बनी थी अधिकारों में बाधा, ग्रामीण सेवा शिविर ने दिलाई स्थायी राहत
कठूमर (दिनेश लेखी) | उपखंड क्षेत्र के ग्राम खौंखर स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में बुधवार को राजस्थान सरकार के 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' का आयोजन किया गया। शिविर में वर्षों पुरानी प्रशासनिक समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर आमजन को बड़ी राहत प्रदान की गई। ऐसा ही एक गंभीर मामला शिविर में तब सामने आया, जब एक ग्रामीण के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज गलत नाम और जाति को अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही समय में संशोधित कर दिया।
- महत्वपूर्ण दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड में था अंतर
शिविर के दौरान ग्राम खौंखर निवासी प्यारेलाल ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर अपनी व्यथा बताई। उन्होंने बताया कि उनके आधार कार्ड, जनआधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेजों में उनका सही नाम "प्यारेलाल" एवं जाति "बैरवा" अंकित है। इसके विपरीत, सरकारी राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में त्रुटिवश उनका नाम "प्यारा" और जाति "जाटव" दर्ज हो गई थी। इस तकनीकी खामी के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने, दस्तावेजों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराने और अन्य जरूरी प्रशासनिक कार्यों में वर्षों से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
- अधिकारियों ने दिखाई मुस्तैदी, शिविर स्थल पर ही हुआ शुद्धिकरण
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिविर प्रभारी श्याम सुंदर चेतीवाल और राजस्व अधिकारी एवं तहसीलदार कठूमर भानु प्रताप सिंह ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार भनोखर नीतु पारीक, कानूनगो बलराम मीना और पटवारी नीरज कुमार को दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
जांच में ग्रामीण की शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद नियमानुसार आवश्यक विभागीय कार्रवाई करते हुए शिविर स्थल पर ही राजस्व रिकॉर्ड को ऑनलाइन शुद्ध कर सही नाम "प्यारेलाल" एवं सही जाति "बैरवा" दर्ज की गई।
- ग्रामीणों ने सराहा, लाभार्थी ने जताया आभार
शिविर में ही बरसों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होने पर लाभार्थी प्यारेलाल भावुक हो गए और उन्होंने राजस्थान सरकार सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों का आभार जताया। वहीं शिविर में मौजूद अन्य ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि ये शिविर आमजन को दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने और मौके पर राहत देने का सबसे प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं।


