डीसीडीसी बैठक आयोजित, नई समितियों के गठन से सहकारिता आंदोलन और होगा सशक्त-जिला कलक्टर
भरतपुर,(कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भारत सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय के गठन के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक मनाए जा रहे सहकार सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में डीएम कक्ष में जिला कॉपरेटिव विकास कमेटी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले में सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समन्वित एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी ढांचे को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप नई समितियों का गठन सहकारिता आंदोलन को और सशक्त बनाएगा।
उप रजिस्ट्रार सहकारी समिति शचीन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि प्रबंध निदेशक, केंद्रीय सहकारी बैंक, दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, जिला विकास प्रबंधक एवं उप रजिस्ट्रार के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर सहकारी समितियों तथा उनके सदस्यों के सहकारी बैंकों में खाते खोले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेयरी एवं अन्य ग्राम सेवा सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए जा रहे हैं तथा उन्हें जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के बैंक मित्र के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े दुग्ध उत्पादक किसानों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
बैठक में नवीन ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इस दौरान उप रजिस्ट्रार सहकारी समिति ने बताया गया कि सुनारी ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड से पृथक कर नगला बरताई ग्राम सेवा सहकारी समिति का नवीन गठन किया गया है। एनसीडी पोर्टल पर सहकारी संस्थाओं के डेटा अपडेट की समीक्षा में बताया गया कि इकाई क्षेत्राधीन 799 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के 1 लाख 25 हजार 793 सदस्य एनसीडी पोर्टल पर पंजीकृत किए जा चुके हैं। जिला कलक्टर ने शेष प्रविष्टियों को भी शीघ्र अद्यतन करने के निर्देश दिए, ताकि सहकारिता क्षेत्र की योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से अधिकाधिक सदस्यों तक पहुंचाया जा सके।
पैक्स कम्प्यूटरीकरण और ई-पैक्स घोषणा की प्रगति की समीक्षा के दौरान अतिरिक्त अधिशाषी अधिकारी अंजली सिनसिनवार द्वारा जानकारी दी गई कि योजना के तहत बैंक क्षेत्राधीन भरतपुर जिले को आवंटित 141 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में से 106 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को गो-लाइव किया जा चुका है, जबकि 61 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को ई-पैक्स घोषित किया जा चुका है। शेष समितियों को भी शीघ्र गो-लाइव कर ई-पैक्स के रूप में विकसित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाते हुए शेष समितियों में भी तकनीकी सुदृढ़ीकरण का कार्य समय पर पूर्ण किया जाए।


