प्रकृति के नियम अचूक, कर्मों के हिसाब से कोई नहीं बच सकता: श्याम बाबा
कस्बे के विजय पार्क में आयोजित सत्संग में उमड़े श्रद्धालु, संत जीवण राम ने दिए जीवन प्रबंधन के सूत्र
खैरथल (हीरालाल भूरानी) कस्बे के विजय पार्क में आयोजित भव्य सत्संग कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सत्संग में बाबा आयाराम दरबार, सरदार नगर (अहमदाबाद) के गद्दी नशीन संत जीवण राम उर्फ श्याम बाबा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने अपने प्रवचन में जीवन, कर्म और प्रकृति के अटूट सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को जीवन प्रबंधन के व्यावहारिक सूत्र सिखाए।
- दूसरों को बदलने में समय बर्बाद न करें
संत श्याम बाबा ने कहा कि इस सृष्टि में प्रत्येक मनुष्य की भूमिका (पार्ट) पहले से ही अनूठी और निर्धारित है। उन्होंने जीवन की सबसे बड़ी विडंबना पर बात करते हुए कहा, "दुनिया में हर व्यक्ति के बदलने, सुधरने और जागृत होने का समय अलग-अलग तय है। इसलिए दूसरों को बदलने का प्रयास कर अपना समय और ऊर्जा नष्ट न करें। सिर्फ स्वयं को बदलें, क्योंकि जब दूसरों का सही समय आएगा, वे स्वतः ही बदल जाएंगे।"
- संचित पुण्य खत्म होते ही राजा से रंक बन जाता है व्यक्ति
अक्सर समाज में दिखने वाले विरोधाभासों पर चर्चा करते हुए संत ने कहा कि आज लोगों को लगता है कि गलत करने वाले सुखी हैं और अच्छे कर्म करने वाले संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन प्रकृति का नियम कभी गलत नहीं हो सकता। उन्होंने समझाया, "यदि कोई व्यक्ति गलत कार्य करके भी सुखी दिखाई दे रहा है, तो यह उसके पूर्व में किए गए किसी संचित पुण्य कर्म का फल है। जैसे ही वह संचित पुण्य समाप्त होगा, वह व्यक्ति राजा से रंक बन जाएगा या किसी गंभीर बीमारी और बड़ी विपत्ति से घिर जाएगा।"
- प्रकृति को धोखा देना असंभव
श्याम बाबा ने कड़े शब्दों में सचेत करते हुए कहा कि हर मनुष्य को अच्छा या बुरा कर्म करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन उसके पाप का घड़ा भरने पर उसका फूटना भी तय है। उन्होंने कहा, "आप बड़े से बड़ा अपराध या पाप करके इंसानी कानून, समाज और देश को धोखा दे सकते हैं, लेकिन प्रकृति के सबसे घातक नियम से आज तक न कोई बच पाया है और न ही कोई इसे धोखा दे सका है।"
संत ने अंत में कहा कि प्रकृति का हर न्याय और जीवन की हर घटना अपने आप में बहुत सुंदर और सटीक है, बस हमें धैर्य रखकर अपने कर्मों को श्रेष्ठ बनाए रखना चाहिए। सत्संग के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।


