मिठास पड़ी फीकी: रक्षाबंधन से दीपावली तक महंगाई का साया; चीनी के दामों में रिकॉर्ड तेजी
खैरथल (हीरालाल भूरानी)। आगामी त्योहारी सीजन और शादियों का दौर शुरू होने से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं की जेब पर महंगाई का बड़ा बोझ आन पड़ा है। रक्षाबंधन, गणेश उत्सव, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों से पहले ही बाजार में चीनी के दामों में आग लग गई है। बीते पंद्रह से बीस दिनों के भीतर खुदरा बाजार में चीनी ₹20 प्रति किलो तक महंगी होकर ₹68 से ₹70 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।
स्थानीय खैरथल मंडी में थोक भाव लगातार बढ़ रहे हैं। कुछ ही दिनों में थोक भाव ₹6,150 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹6,400 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। बाजार में अनिश्चितता का आलम यह है कि थोक दरों में एक ही दिन में तीन से चार बार बदलाव दर्ज किया जा रहा है।
मांग में बढ़ोतरी और आपूर्ति में कमी से बिगड़े हालात कारोबारियों का मानना है कि इस तेजी के पीछे उत्पादन में कोई बड़ी गिरावट मुख्य वजह नहीं है, बल्कि मंडियों में सीमित उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता बड़ा कारण है। इसके अलावा त्योहारों के चलते मिठाई कारोबार और बेकरी उद्योग में मांग तेजी से बढ़ी है। मिलों से घरेलू बाजार में सीमित आपूर्ति और बफर स्टॉक में कमी की खबरों ने भी कीमतों को हवा दी है। इस स्थिति को देखते हुए बाजार में जमाखोरी और सट्टेबाजी की आशंका भी जताई जा रही है।
आम परिवारों की बढ़ी चिंता चीनी के साथ-साथ गुड़, बूरा और शक्कर के दामों में आई तेजी ने आम परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा दिया है। बढ़ते दामों से परेशान आम उपभोक्ताओं और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मंडियों में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरों पर नकेल कसने के लिए निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

