बारिश से मौसम हुआ सुहाना, पर दावों की खुली पोल: लक्ष्मणगढ़ में झमाझम बरसे बादल, सड़कें बनीं 'तालाब', बच्चे व राहगीर परेशान
राहत के साथ आफत लाई बारिश: लक्ष्मणगढ़ में झमाझम से सुहाना हुआ मौसम, नालों की अटकाव से सड़कें जलमग्न; पालिका ने जेसीबी से हटाई मिट्टी
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
लक्ष्मणगढ़। कस्बे में शनिवार सुबह हुई तेज झमाझम बारिश ने एक तरफ जहाँ भीषण गर्मी और उमस से तड़प रहे लोगों को बड़ी राहत दी, वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी। महज कुछ ही देर की मूसलाधार बारिश से कस्बे की सड़कें पानी से लबालब हो गईं और प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
सुबह-सुबह हुई बारिश के कारण नए बस स्टैंड, मालाखेड़ा रोड, पुराने अस्पताल के पास और जालूकी रोड सहित कई निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर जलजमाव होने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और दफ्तर जाने वाले लोगों को गंतव्य तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। पानी भरे गड्ढों के कारण कई दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त भी हो गए।
बाजारों में थमी रफ्तार, जाम में फंसे वाहन बारिश के चलते कस्बे के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर आवाजाही ठप पड़ गई। राहगीर पानी से बचने के लिए दुकानों के शेड और शेल्टरों के नीचे शरण लेने को मजबूर दिखे। वहीं, मुख्य मार्गों पर वाहनों के रेंगने के कारण जगह-जगह लंबा जाम लग गया।
पालिका प्रशासन की लेटलतीफी पर उठे सवाल कस्बे में चल रहे नाला निर्माण कार्य के दौरान निकाली गई मिट्टी को वक्त रहते नहीं हटाए जाने के कारण पुराने नाले पूरी तरह ब्लॉक हो गए थे। बारिश होते ही नालों का गंदा पानी और मिट्टी सड़कों पर बहने लगी। हालांकि जलभराव की स्थिति बिगड़ते देख नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार? नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी चेतन बैरवा ने बताया, "कस्बे में चल रहे नाला निर्माण कार्य की वजह से निकाली गई मिट्टी से पुराने नाले अवरुद्ध हो गए थे। स्थिति की जानकारी मिलते ही नगर पालिका प्रशासन द्वारा जेसीबी की मदद से पानी निकासी के रास्तों से मिट्टी और मलबा हटवाया गया है, जिससे अब पानी निकासी सुचारू हो गई है और आवागमन में लोगों को राहत मिली है।"

