गोविंदगढ़ में मतदाताओं ने सड़क-पानी-नाली पर उठाए सवाल: बारिश में अस्पताल तक भर जाता है पानी, खेत में छोड़ा जा रहा नालों का गंदा पानी
अलवर गोविंदगढ़ में नगर पालिका चुनाव में इस बार मतदाताओं के बीच सड़क, पानी, जल निकासी, सफाई और रोड लाइट जैसे बुनियादी मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। शहर के कई हिस्सों में टूटी सड़कें, जलभराव और सफाई व्यवस्था की समस्या से लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि ईदगाह के सामने सड़क पर हल्की बारिश में भी जलभराव हो जाता है। पानी निकासी के लिए बनाए गए नाले भी बारिश के पानी को बाहर निकालने में सक्षम नहीं हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल के सामने की सड़क भी लंबे समय से खराब बताई जा रही है। बारिश के दौरान यहां आवागमन मुश्किल हो जाता है और गंदा पानी अस्पताल परिसर तक पहुंच जाता है।
स्थानीय निवासी मनीष स्वामी ने बताया कि पोस्ट ऑफिस के पास उनके खेत में कई वर्षों से गोविंदगढ़ के नालों का पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार गंदा पानी आने से खेत बंजर हो चुका है।
उन्होंने बताया कि समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब इसी क्षेत्र में जलदाय विभाग की ओर से पानी की टंकी का निर्माण भी किया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में समस्या और बढ़ने की आशंका है।
- स्ट्रीट लाइट खराब, नियमित कचरा उठाव भी नहीं
शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइट खराब होने और नियमित रूप से कचरा नहीं उठाए जाने की समस्या भी सामने आ रही है।
दिनेश कुमार ने बताया की रामबास मे खरसनकी रोड से तेजपाल यादव के मकान तक मुख्य सड़क पर कभी भी साफ सफाई नही होती ना ही सफाई कर्मचारी कचरा ट्रॉली का नियमित उपयोग नहीं करते जिससे मुख्य सड़क पर कचरे के ढेर लगे रहते है। इतना की नही 181 पर इस संबंध मे दर्ज शिकायतों का भी संबन्धित अधिकारियों द्वारा बार-बार गलत तरीके से जवाब देकर निस्तारण कर दिया जाता है
स्थानीय निवासी कमलेश खेड़ापति के अनुसार सफाई कर्मचारी कचरा ट्रॉली का नियमित उपयोग नहीं करते। सफाई व्यवस्था मुख्य बाजार तक ही सीमित रह जाती है, जबकि कॉलोनियों और वार्डों में स्थिति खराब है।
- किले और मंदिरों के पास फेंका जा रहा कचरा
लोगों का कहना है कि शहर में अधिकृत डंपयार्ड नहीं होने से कचरा इधर-उधर डाला जा रहा है। ऐतिहासिक किले और मंदिरों के आसपास भी कचरा फेंके जाने की शिकायत है। इससे शहर का वातावरण दूषित होने के साथ बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है।

