साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न; हरियालो राजस्थान अभियान में 31 अगस्त तक पौधों की जियोटैगिंग सुनिश्चित करें-जिला कलक्टर
भरतपुर,(कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)। जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने हरियालो राजस्थान अभियान की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभागीय लक्ष्यों के तहत लगाए गए पौधों की आगामी 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से जियोटैगिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित पौधारोपण लक्ष्य को समय पर शत् प्रतिशत पूरा करें, ताकि जिले की राज्य स्तरीय रैंकिंग में सुधार हो सके।
उन्होंने बैंक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से संवाद कर उन्हें पौधारोपण के लिए जागरूक एवं प्रेरित करने तथा अभियान में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने करने की बात कही। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को वन, कृषि, शिक्षा, उद्योग एवं सेना विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर पौधारोपण एवं जियोटैगिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता ने जल अर्पण अभियान के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि 73 गांवों में से 65 गांवों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिला कलक्टर ने शेष कार्य की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को अपनी अधीनस्थ टीम के साथ नियमित मॉनिटरिंग करने तथा लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी करें-
उन्होंने प्रसूता महिलाओं का समुचित डेटाबेस तैयार करने तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को समय पर रेफरल सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आईसीडीएस एवं सीएमएचओ को निर्देश दिए कि विभागीय टीमों के माध्यम से प्रसूता महिलाओं के जनआधार सहित आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कराई जाए, ताकि उन्हें समय पर चिकित्सा एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने दस्तावेज पूर्ण कराने के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
स्कूली बच्चों में एनीमिया की रोकथाम पर जोर-
जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग में ब्लू एवं पिंक टैबलेट्स के वितरण में एक माह के भीतर प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में एनीमिया यानी खून की कमी की रोकथाम के लिए आवश्यक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, जिससे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा मिल सके। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियां करें एवं प्रभावित मौसमी बीमारी संबंधित प्रकरणों की रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों एवं लार्वा की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करने तथा शहरी क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराने पर जोर दिया। उन्होंने पशुपालन अधिकारी को टीम गठित कर गौशाला इकरन एवं गढ़ी सांवलदास का निरीक्षण करने तथा लंपी संक्रमित गायों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिले में ग्राम पंचायतवार गौवंश में लंपी बीमारी की स्थिति का समय-समय पर फीडबैक लिया जाए तथा बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक वैक्सीनेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कृषि एवं बैंक अधिकारियों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा गत वर्ष एवं वर्तमान वर्ष की किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को तहसीलदार एवं अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं बैंकर्स के साथ नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने की बात कही।
जिला कलक्टर ने नगर निगम आयुक्त एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अछनेरा एवं सेवर रोड, सेंट पीटर्स स्कूल के समीप सड़क सहित अन्य नगरीय क्षेत्रों में सड़कों के गड्ढों की मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों एवं गड्ढों के कारण आमजन को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में अपनी समस्याएं लेकर आने वाले परिवादियों के साथ संतोषजनक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा किसी भी स्तर पर प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए।
बैठक में सीईओ मृदुल सिंह, एडीएम शहर राहुल सैनी, सहायक कलक्टर आलोक सिंह, उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता, नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोइ, जलदाय अधीक्षण अभियन्ता एनके वर्मा, डीईओ सुरेन्द्र गोपालिया, सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर, आईसीएस उपनिदेशक सिकरामाराम चोयल, बद्रीनारायण सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

