कबड्डी अनुशासन टीम भावना और शारीरिक मजबूती का प्रतीक राज्यपालहरिभाऊ बागडे
महुवा (अवधेश अवस्थी) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मंगलवार को महुवा स्थित द बोहराज ग्लोबल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित सीबीएसई कबड्डी गर्ल्स स्टेट क्लस्टर टूर्नामेंट में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कबड्डी खिलाड़ियों एवं रेफरी से परिचय प्राप्त किया तथा टॉस करवाकर मैच का आनंद लिया।
इस अवसर पर राज्यपालहरिभाऊ बागडे ने कहा कि कबड्डी देश का पारंपरिक खेल है, जो प्राचीन समय में गुरुकुलों में भी खेला जाता था। यह खेल अनुशासन, टीम भावना, साहस और शारीरिक क्षमता का प्रतीक है। खेलों से शरीर को मजबूती एवं ऊर्जा मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि शारीरिक क्षमता के साथ-साथ अपनी बौद्धिक क्षमता का भी विकास करें तथा अध्ययन के माध्यम से निरंतर ज्ञान अर्जित करें।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषयों को पूरे मनोयोग और एकाग्रता से सुनें तथा उनमें रुचि विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से टेक्स्ट बुक तक सीमित न रहकर साहित्य एवं अन्य उपयोगी पुस्तकों का अध्ययन करने और नियमित अभ्यास के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों से कहा कि वे स्वयं भी निरंतर ज्ञान अर्जित करते रहें और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें। शिक्षक ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का निर्माण करें, जिनमें शैक्षणिक ज्ञान के साथ शारीरिक क्षमता, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच का भी विकास हो।
समारोह में प्रदेश के राज्यपाल हरीभाऊ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी बालिका खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके सुखी जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि बालिकाएं आज खेलों के प्रत्येक क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कबड्डी की लोकप्रियता और व्यापकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर्व में कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक की टीमें इस खेल की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं।
ताकत के साथ युक्ति भी जरूरी
कबड्डी की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह खेल सांस रोकने, सहनशक्ति और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की परीक्षा लेता है। रेडर को सांस रोककर लगातार ‘कबड्डी-कबड्डी’ बोलते हुए विपक्षी क्षेत्र में जाकर अंक हासिल करने होते हैं। ऐसे में बेहतर प्रदर्शन के लिए शारीरिक क्षमता के साथ रणनीति और युक्ति भी जरूरी है। विपक्षी खिलाड़ी को पकड़ना, छलांग लगाना और रेडर को रोकना इस खेल के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
खेलों के साथ बौद्धिक विकास पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलों के साथ बौद्धिक विकास भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल रटने के बजाय बच्चों में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने खेलों के प्राचीन इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत काल से ही खेल-क्रीड़ा का महत्व रहा है।
दौसा के NEET परिणाम में सुधार की जरूरत
राज्यपाल ने शिक्षा की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में जारी NEET परीक्षा परिणाम में दौसा जिले का सफलता प्रतिशत करीब 31 प्रतिशत रहा, जबकि राजस्थान का औसत करीब 69 प्रतिशत रहा। उन्होंने अगले वर्ष दौसा जिले के परिणाम में उल्लेखनीय सुधार लाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि अच्छी पढ़ाई और बेहतर अंक हासिल करने से देश की प्रतिभा सामने आएगी। विद्यार्थियों को नकल और अनुचित साधनों से दूर रहकर ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे जितना अधिक एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करेंगे, उतना ही बेहतर उनका बौद्धिक विकास और परीक्षा परिणाम होगा। अकेले में एकाग्र होकर अध्ययन करने की आदत भी विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है।
उन्होंने कहा कि आज बालिकाएं शिक्षा और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने कालीबाई का उल्लेख करते हुए कहा कि साहस, शिक्षा और अपने शिक्षकों से मिले संस्कारों ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने बालिकाओं से भी शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के पूर्व कुलगुरु प्रो. रामसेवक दुबे, द बोहराज ग्लोबल स्कूल के निदेशक विनय बोहरा, सह निदेशक विकास बोहरा, संरक्षक गौ पुत्र अवधेश अवस्थी, अध्यक्ष विजय शंकर बोहरा, संरक्षिका प्रेम देवी बोहरा अजय बोहरा, निलेश बोहरा, सीबीएसई बोर्ड पर्यवेक्षक सुनील व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा महुवा पुलिस उपाधीक्षक अनूप सिंह, उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीना, स्कूल प्रधानाचार्य प्रवीण ब्रिज उप प्रधानाचार्य श्वेता बालाजी प्रिंसिपल राजेश सिंह मंडावर प्रिंसिपल पुनीत पांडे,पीटीआई सुरेंद्र मनोज सहित विद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी, खिलाड़ी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि अधिकारी गण उपस्थित रहे।

