अधिकारीे पूरी गंभीरता के साथ निर्वाचन दायित्वों का करें निर्वहन - जिला निर्वाचन अधिकारी
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) नगर निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्वाचन तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आरओ, एआरओ एवं आईटी टीम, प्रकोष्ठ के अधिकारियों एवं कार्मिकों का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव लोकतंत्र की जमीनी इकाई को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। निर्वाचन से जुड़े प्रत्येक अधिकारी एवं कार्मिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं सजगता के साथ करे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन की सफलता केवल व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी एवं कार्मिक की जिम्मेदारी, सजगता, तत्परता और टीम भावना से सुनिश्चित होती है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी गंभीरता के साथ निर्वाचन दायित्वों का निर्वहन करते हुए आपसी समन्वय से चुनाव प्रक्रिया को सुचारू एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में समयबद्धता, सटीकता और बेहतर समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आरओ एवं एआरओ निर्वाचन नियमों एवं प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें तथा चुनाव के दौरान उत्पन्न होने वाली प्रत्येक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए तथा आवश्यकता होने पर समय पर मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए।
नामांकन एवं निर्वाचन प्रक्रिया की दी विस्तृत जानकारी
नगर निगम चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी रिछपाल सिंह बुरड़क एवं मतदान दल गठन प्रकोष्ठ प्रभारी मुनिदेव यादव ने नगर निकाय आम चुनाव-2026 से संबंधित नाम निर्देशन पत्र, नामांकन प्रक्रिया, निर्वाचन योग्यता, आरक्षण, निर्वाचन प्रतीकों, नामांकन पत्र निरस्त करने के प्रावधान तथा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों सहित राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रथम चरण में सदस्य पदों के लिए लोक सूचना 27 अगस्त को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 1 सितंबर को होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर निर्धारित है, जिसके तहत प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। 4 सितंबर को अभ्यर्थिता वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर तथा 11 सितंबर को होगा। मतदान का समय प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। नगरीय निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।
तकनीकी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर-
डीओआईटी उप निदेशक पुष्पेंद्र कुंतल ने आईटी टीम एवं संबंधित प्रकोष्ठ के कार्मिकों को निर्वाचन कार्य में तकनीक के प्रभावी उपयोग, ऑनलाइन सूचनाओं के संधारण एवं आदान-प्रदान, डाटा प्रबंधन, रिपोर्टिंग तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित सूचनाओं को आरओ द्वारा सत्यापन के बाद ही ऑनलाइन अपलोड किया जाए। प्रशिक्षण के दौरान आरओ एवं एआरओ के दायित्वों, निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में की जाने वाली कार्रवाई तथा निर्वाचन कार्य में तकनीकी टीम एवं अन्य प्रकोष्ठों के बीच बेहतर समन्वय से संबंधित विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में कार्मिकों की जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया को त्रुटिरहित एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की पालना पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षण में विशेषाधिकारी आईएएस भानु शर्मा, एडीएम सिटी राहुल सैनी, आरओ भुसावर राधेश्याम मीना, आरओ नदबई सचिन यादव, आरओ भरतपुर भारती गुप्ता, आरओ वैर ऋतुराज शर्मा सहित एआरओ, आईटी टीम एवं निर्वाचन प्रकोष्ठ के हेमंत शर्मा, ओमप्रकाश खूंटेला सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

