बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित; दिलाई बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ
भरतपुर,(कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर एवं प्रयत्न संस्था की कवच परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एडीआर भवन, जिला न्यायालय परिसर, भरतपुर में बाल विवाह की रोकथाम, नालसा आशा इकाई, नालसा डॉन, नालसा संवाद, नालसा जागृति स्कीम तथा जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलजीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति का उन्मूलन केवल कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को सक्रिय एवं समन्वित भूमिका निभानी होगी। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में नालसा आशा इकाई को और अधिक मजबूत एवं सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।
बाल विवाह रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय पर जोर-
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नवीन कुमार किलानियॉ ने बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल विवाह से जुड़े हितधारकों को संवेदनशील बनाने, बाल विवाह की रोकथाम के लिए संस्थागत ढांचा विकसित करने तथा बाल विवाह पीड़ितों के पुनर्वास के संबंध में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
सहायक निदेशक अमित अवस्थी ने बाल विवाह मुक्त भारत के लिए संचालित 100 दिवसीय कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय समन्वय से यह अभियान ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने तथा मीना मंच एवं राजू मंच के माध्यम से बच्चों को जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से संबंधित कोई भी मामला सामने आने पर टोल-फ्री हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दी जा सकती है, ताकि समय पर आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जा सके।
नालसा की विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी-
कार्यशाला में बाल अधिकारिता निदेशालय के तकनीकी कंसल्टेंट रमाकांत सतपति ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। असिस्टेंट लीगल डिफेन्स काउन्सिल शिल्पी जैन ने नालसा की डॉन एवं संवाद स्कीम तथा असिस्टेंट लीगल डिफेन्स काउन्सिल नीरज शर्मा ने नालसा जागृति स्कीम के संबंध में जानकारी प्रदान की। प्रयत्न संस्था की प्रोग्राम मैनेजर एवं बाल विवाह मुक्त भारत मुहिम की प्रभारी शालो हैम्बेम ने जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों से अवगत कराया। साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
कार्यशाला में उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग सिकराराम चोयल, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजाराम भूतौली, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई अमित कुमार अवस्थी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारंभिक के प्रतिनिधि, वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशासक प्रीति सिंह, जिले में कार्यरत पुलिस बाल कल्याण अधिकारी, महिला थाने की महिला सुरक्षा एवं सलाह काउन्सलर, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पैनल अधिवक्तागण एवं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बाल विवाह रोकथाम की दिलाई शपथ-
कार्यशाला के समापन अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं आशा इकाई प्रभारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई। सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने एवं समाज में व्यापक जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

