चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे पर एक्शन: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जारी किया नोटिस
भीलवाड़ा/ राजकुमार गोयल। कंवलियास गांव की सार्वजनिक चारागाह (गौचर) भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माणों और कब्जों के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर ने कड़ा रुख अपनाया है। 'गौचर बचाओ फाउंडेशन' द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति नूपुर भाटी की अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर मामले की वास्तविक स्थिति (स्टेटस रिपोर्ट) पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मकान, दुकान और खेतों के रूप में अतिक्रमण का आरोप
मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता लक्ष्मी कुमारी और मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि कंवलियास ग्राम की चारागाह भूमि पर मकान, दुकान, बाड़े और खेत बनाकर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। याचिका के माध्यम से कोर्ट से मांग की गई है कि आराजी नंबर 2233, 2286, 2287, 2288, 2688/94, 2867/2283, 2869/2284, 628, 944 और 2918/2687 सहित समस्त चारागाह भूमि से तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए और सार्वजनिक भूमि का संरक्षण किया जाए।
एक सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
माननीय न्यायालय ने सरकार को याचिका की प्रति उपलब्ध कराने और अधीनस्थ अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त कर यह बताने को कहा है कि कहां-कहां और किस प्रकार का निर्माण हुआ है। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद तय की गई है।
गौचर बचाओ फाउंडेशन का कहना है कि यह लड़ाई केवल ज़मीन की नहीं, बल्कि गांव के पशुपालकों के अधिकारों, पर्यावरण और कानून के संरक्षण की है।

