खेत में चारे के बीच छिपा बैठा था 8 फीट लंबा अजगर: वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
कोचरिया गांव में मचा हड़कंप; वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित 'भारतीय रॉक पाइथन' को सुरक्षित जंगल में छोड़ा
गुरला / कोचरिया (बद्रीलाल माली)। ग्राम पंचायत कोचरिया में किसान मूलचंद कुमावत और लक्ष्मण कुमावत के खेत में अचानक 8 फीट लंबा अजगर निकलने से हड़कंप मच गया। खेत में चारा काट रही महिलाओं की नजर जब चारे के बीच छिपे विशालकाय अजगर पर पड़ी, तो उन्होंने शोर मचाया। किसान लक्ष्मण कुमावत ने बिना देरी किए तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।
तत्परता से पहुंची रेस्क्यू टीम
सूचना मिलते ही वनपाल चंद्रपाल सिंह राणावत के निर्देशन में वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में वनरक्षक रूपेंद्र सिंह पुरावत, वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर और टेक्नीशियन शंकर लाल विश्नोई शामिल थे।
- सावधानीपूर्वक रेस्क्यू: चारे के बीच छिपे अजगर को वनरक्षक रूपेंद्र सिंह पुरावत ने ग्रामीणों के सहयोग से बेहद सावधानी और सूझबूझ के साथ पकड़ा।
- सुरक्षित रिहाई: सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद अजगर को आबादी क्षेत्र से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन्यजीव संरक्षण का दिया संदेश
रेस्क्यू के बाद वनरक्षक रूपेंद्र सिंह पुरावत ने ग्रामीणों को एकत्र कर वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया और अपील की:
- मारें नहीं, सूचना दें: खेत या आबादी क्षेत्र में अजगर या कोई भी जंगली जानवर दिखने पर उसे नुकसान पहुंचाने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें, तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
- पर्यावरण संतुलन: वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न अंग हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए उनका संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है।
भारतीय रॉक पाइथन की खासियत
टीम ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि रेस्क्यू किया गया अजगर 'भारतीय रॉक पाइथन' (Indian Rock Python) प्रजाति का है। यह विशालकाय लेकिन पूरी तरह विषहीन होता है, जिसकी लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह प्रजाति भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत पूरी तरह संरक्षित है।

