टोल टैक्स पूरा, सुरक्षा अधूरी: NH-758 पर 100 की रफ्तार के बीच अचानक आ रहे गोवंश, बड़े हादसों को न्यौता
भीलवाड़ा-उदयपुर फोरलेन (NH-758): मुजरास टोल और नौगांवा चौराहे पर आवारा पशुओं का डेरा, हादसों को न्यौता
गुरला (बद्रीलाल माली)। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से गुजरने वाले भीलवाड़ा-उदयपुर फोरलेन हाईवे (NH-758) और मुजरास टोल प्लाजा पर सफर करना इन दिनों किसी जानलेवा स्टंट से कम नहीं रह गया है। सड़कों पर फर्राटा भरती गाड़ियों के बीच अचानक सामने आ जाने वाले आवारा गोवंश वाहन चालकों के लिए यमराज साबित हो रहे हैं। भारी-भरकम टोल वसूलने के बावजूद टोल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठा है।
ग्राउंड रिपोर्ट: क्यों खतरनाक बना है फोरलेन हाईवे?
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टोल व चौराहों पर जमावड़ा: मुजरास टोल प्लाजा के पास और नौगांवा चौराहे सहित डिवाइडरों के बीच मवेशियों का झुंड जमा रहता है। टोल पार करते ही तेज गति पकड़ने वाले वाहन अचानक इनके सामने आने से अनियंत्रित हो रहे हैं।
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80 से 100 की रफ्तार में 'डेथ ट्रैप': हाई-स्पीड हाईवे पर अचानक गाय या सांड के सामने आने से कई वाहन पलट चुके हैं तो कई आपस में टकरा चुके हैं।
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अंधेरे में डबल खतरा: हाईवे के कई हिस्सों में पर्याप्त लाइट नहीं है। मवेशियों या उनके सींगों पर रेडियम बेल्ट न होने के कारण रात में काले और भूरे रंग के पशु चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे लगातार जानलेवा हादसे हो रहे हैं।
टोल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप: स्थानीय यात्रियों और ग्रामीणों का आरोप है कि टोल कंपनी सिर्फ वसूली में व्यस्त है, जबकि हाईवे को पशु-मुक्त रखने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाईवे प्रशासन गंभीर हो और स्थानीय गौशालाओं व गौसेवकों की मदद ले, तो इन आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सकता है।
जनता में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी: ग्रामीणों और वाहन चालकों ने मांग की है कि NHAI और टोलवे अथॉरिटी तुरंत संज्ञान लेकर बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में भिजवाएं। जल्द जल्द ठोस कदम उठाए जाने की मांग की ।

