कम लागत, ज्यादा मुनाफा: RHB-234 बाजरा किस्म बनी किसानों की पहली पसंद, 60 से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा
गुजरपुर खुर्द में बाजरा की उन्नत किस्म RHB-234 पर प्रक्षेत्र दिवस आयोजित, वैज्ञानिकों ने दिए फसल प्रबंधन के गुरुमंत्र
रामगढ़, अलवर (राधेश्याम गेरा)। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), नौगांव के तत्वावधान में ग्राम गुजरपुर खुर्द में बाजरा की उन्नत किस्म RHB-234 पर 'प्रक्षेत्र दिवस' (Field Day) का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों के साथ क्षेत्र के 60 से अधिक किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीके सीखे।
मौसम देखकर बनाएं कटाई-मड़ाई की योजना: कार्यक्रम में सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. हंसराम माली ने किसानों को फसल प्रबंधन और कटाई उपरांत सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाजरा की कटाई पूर्ण परिपक्वता पर ही करें और भंडारण से पहले दानों को अच्छी तरह सुखा लें, ताकि नमी से नुकसान न हो। वहीं, प्रसार शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. पूनम ने किसानों को मानसून में मौसम आधारित कृषि तकनीक अपनाने और मोबाइल ऐप्स के जरिए मौसम अपडेट लेकर ही कटाई व मड़ाई की योजना बनाने की सलाह दी।
RHB-234 किस्म की मुख्य विशेषताएं:
-
जलवायु सहनशीलता: डॉ. कमलेश यादव ने बताया कि RHB-234 किस्म प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को झेलने में बेहद सक्षम है।
-
पोषक तत्वों से भरपूर: इस किस्म में जिंक और आयरन जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पोषण सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने RHB-234 बाजरा के खेतों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और वैज्ञानिकों से अपनी समस्याओं का समाधान जाना। अंत में डॉ. कमलेश यादव ने सभी उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त किया।

