विधिक साक्षरता शिविर: न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सिखाया ‘नो, गो, टेल’ सुरक्षा मंत्र
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडवाना के निर्देशानुसार ताल्लुका विधिक सेवा समिति, मकराना के तत्वावधान में दो विद्यालयों में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में कुल 530 विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा स्ट्रेंजर डेंजर एवं नो, गो, टेल (अजनबी से सावधान—मना करो, दूर जाओ, बताओ) सुरक्षा मंत्र से अवगत कराया गया। शिविर के तहत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, गुणावती में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपेंद्र चौहान ने 180 विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अजनबियों से सतर्क रहने और अपने कानूनी अधिकारों की पहचान करने पर बल दिया। वहीं, सम्राट पृथ्वीराज चौहान उच्च माध्यमिक विद्यालय, मकराना में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम योगी ने 350 विद्यार्थियों को रोजमर्रा की सुरक्षा सावधानियों और कानूनी सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को अपहरण, व्यपहरण, बाल तस्करी और बाल श्रम जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति सचेत किया। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 143 व 139 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के कड़े विधिक प्रावधानों पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय या संदिग्ध स्थिति से सुरक्षित निकलने के लिए विद्यार्थियों को तीन प्रमुख नियम सिखाए जिनमें किसी भी अजनबी व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु, लिफ्ट या झूठे बहाने पर सीधे और स्पष्ट रूप से मना करना। खतरे या असहजता का आभास होते ही तुरंत उस स्थान से हटकर भीड़-भाड़ वाली सुरक्षित जगह पर जाने और किसी भी अनुचित व्यवहार, स्पर्श या घटना की सूचना तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को देने हेतु जागरूक किया। शिविर में बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पीड़ित बच्चों एवं आम नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। आपातकालीन सहायता के लिए विद्यार्थियों को चाइल्डलाइन हेल्पलाइन 1098 तथा रालसा हेल्पलाइन 15100 व 9928900900 की जानकारी दी गई। जागरूकता के उद्देश्य से विद्यालय परिसरों में हेल्पलाइन नंबरों के सूचना पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए।

