NH-62 खेड़ापा: पांच साल से अंधेरे में डूबी ट्रक ले-बाय; हैलोजन लाइटें बनीं शो-पीस, रामदेवरा जा रहे श्रद्धालु और ट्रक चालक परेशान
बावड़ी (जोधपुर) मिश्रीलाल लखारा
राष्ट्रीय राजमार्ग-62 (जोधपुर-नागौर मार्ग) पर स्थित खेड़ापा कस्बे में एनएचएआई और सड़क निर्माण ठेका कंपनी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। करीब पांच वर्ष पूर्व ट्रक चालकों और लंबी दूरी के यात्रियों के विश्राम के लिए बनाई गई 'ट्रक ले-बाय' (Truck Lay-by) रख-रखाव के अभाव में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। लाखों रुपये खर्च कर लाइटें और शौचालय तो बना दिए गए, लेकिन आज तक एक भी हैलोजन लाइट चालू नहीं हो सकी।
लाइटें गायब, केवल खड़े हैं लोहे के पोल स्थानीय ग्रामीणों और चालकों के अनुसार, लंबे समय से कोई सुध न लेने के कारण कई हैलोजन लाइटें और उपकरण चोरी हो चुके हैं। अब वहां केवल लोहे के खंभे ही खड़े दिखाई देते हैं। पर्याप्त रोशनी न होने से रात के समय दुर्घटनाओं, चोरी और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता है।
समस्या के मुख्य पहलू:
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सुरक्षा पर संकट: अंधेरे के कारण ट्रक चालक रात में वाहन खड़ा करने से कतराते हैं।
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यात्रियों को असुविधा: सार्वजनिक शौचालय तक जाने में महिलाओं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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भादवा मेले में असर: लोकदेवता बाबा रामदेव मेले के दौरान रामदेवरा जा रहे श्रद्धालुओं के वाहन यहां रुकते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें असुविधा होती है।
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सरकारी धन की बर्बादी: जनता के टैक्स के पैसे से तैयार किया गया बुनियादी ढांचा प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ गया है।
जनता का सवाल- कब जागेगा प्रशासन? स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ निर्माण करा देना ही विकास नहीं है, सुविधाओं का सुचारू संचालन भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। अब देखना यह होगा कि NHAI इस पांच साल पुराने अंधेरे को दूर कर चालकों को सुरक्षित व्यवस्था मुहैया कराता है या यह ढांचा यूं ही उपेक्षित पड़ा रहेगा।

