पावेश्वर महादेव मंदिर में गूंजी मंशा महादेव व्रत कथा: सुहागिनों व कन्याओं ने विधि-विधान से की पूजा
पावा के पावेश्वर महादेव मंदिर में सुहागिनों व कन्याओं ने सुना मंशा महादेव व्रत का महात्म्य, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
तखतगढ़/पावा,बरकत खां
निकटवर्ती पावा गांव स्थित सुप्रसिद्ध पावेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सोमवार को मंशा महादेव का व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं एवं कुंवारी कन्याओं ने अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना कर मंशा महादेव व्रत कथा का श्रवण किया।
कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तक चलेगा पावन व्रत
पूजा-अर्चना सम्पन्न कराने वाले पंडित घीसूलाल ओझा ने बताया कि मंशा महादेव का यह विशेष व्रत सावन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से प्रारंभ होकर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तक निरंतर चलता है। सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना से, वहीं कुंवारी कन्याएं मनोवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु यह व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से भगवान शिव श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
सुपारी पर कच्चा सूत लपेटकर होती है महादेव की स्थापना
पंडित ओझा ने व्रत की पूजन विधि की जानकारी देते हुए बताया कि सावन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को श्रद्धालु सुपारी पर कच्चा सूत लपेटकर प्रतीक स्वरूप महादेव का निर्माण करते हैं। तत्पश्चात प्रत्येक सोमवार को मंदिर एवं घरों में महादेव के इस स्वरूप की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है।
कथा श्रवण के बाद ही ग्रहण करते हैं अन्न-जल
विधान के अनुसार, व्रत धारण करने वाले श्रद्धालु सावन तथा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और इसके बीच आने वाले प्रत्येक सोमवार को पूरे दिन निर्जल एवं निराहार रहकर भगवान भोलेनाथ की विशेष आराधना करते हैं। सायंकाल मंदिर में कथा श्रवण करने और आरती के बाद ही श्रद्धालु अन्न-जल ग्रहण करते हैं।

