पर्युषण पर्व: बावड़ी और आसपास के क्षेत्रों में जैन समाज ने प्रतिष्ठान बंद रख किया धर्म-ध्यान; भक्तिमय हुआ माहौल
बावड़ी (जोधपुर) मिश्रीलाल लखारा
जैन धर्म के महान पर्व 'पर्युषण' के अवसर पर मंगलवार को बावड़ी कस्बे सहित खेड़ापा, सोयला और धनारी कलां में जैन समाज के श्रद्धालुओं में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। पर्व की महत्ता को देखते हुए समाज के व्यापारियों और ग्रामीणों ने बस स्टैंड के पास स्थित दुकानों और जैन मार्केट में अपने-अपने प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रखे तथा दिनभर प्रभु भक्ति व आराधना में समय व्यतीत किया।
आत्मशुद्धि, स्वाध्याय और संयम का संदेश पर्युषण पर्व को लेकर जैन समाज के प्रबुद्ध जनों ने बताया कि यह पर्व आत्मशुद्धि, त्याग और संयम का प्रतीक है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने जैन मंदिरों में पहुंचकर भगवान का पूजन, वंदन, सामायिक और स्वाध्याय किया।
विशेष आकर्षण व मुख्य बिंदु:
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व्यापार बंद रखकर प्रभु भक्ति: व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
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भक्तिमय वातावरण: प्रतिष्ठान बंद रहने से कस्बे और प्रमुख बाजारों में दिनभर आध्यात्मिक और शांत माहौल बना रहा।
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धार्मिक गतिविधियां: श्रद्धालुओं ने सामायिक, स्वाध्याय, जप-तप और धार्मिक चर्चाओं के माध्यम से संयम और साधना का मार्ग अपनाया।
जैन धर्मावलंबियों ने बताया कि यह वार्षिक पर्व हर वर्ष अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है, जो जीवन में आत्म-निरीक्षण और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

